
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे युक्तियुक्तकरण अभियान के अंतर्गत राज्य के छह जिलों—कोरबा, सुकमा, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाजार और सूरजपुर—में अतिशेष शिक्षकों की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब तक 1500 से अधिक सहायक शिक्षक, प्रधान पाठक और व्याख्याता को नई पदस्थापना दी जा चुकी है।
राज्य शासन के अनुसार, यह काउंसलिंग शिक्षकों की वरिष्ठता के आधार पर की गई और उन्हें रिक्त पदों में से अपनी पसंद के विद्यालयों का चयन करने का अवसर दिया गया। वहीं मुंगेली, राजनांदगांव, बालोद और दुर्ग में यह प्रक्रिया अभी जारी है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रदेश के 10,463 स्कूलों में से केवल 166 स्कूलों को समायोजित किया जाएगा। इनमें से अधिकांश स्कूल ऐसे हैं जहाँ छात्र संख्या बहुत कम है और नजदीक ही दूसरा स्कूल संचालित है। इस समायोजन से बच्चों की पढ़ाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा, बल्कि उन्हें अधिक योग्य शिक्षक और बेहतर शैक्षणिक संसाधन मिल सकेंगे।
शासन का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक ठोस पहल है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी बच्चों को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
