
रायपुर,न्यूज़ धमाका :-अप्रैल महीने में टमाटर ने लोगों को बड़ी राहत दी है। एक तरफ जब दूसरी सब्जियों की कीमतों में महंगाई आनी शुरू हो चुकी है। ऐसी स्थिति में टमाटर, लौकी की कीमतें बीते वर्ष के मुकाबले आधी से भी कम है। सब्जी कारोबारियों का कहना है कि अप्रैल महीने में टमाटर थोक में 10 रुपये से भी नीचे आ चुका है, वहीं चिल्हर में यह 15 रुपये में बिक रहा है।इसकी बड़ी वजह राज्य में टमाटर का बम्फर उत्पादन है।
बीते वर्ष की स्थिति पर गौर करें तो अप्रैल महीने की शुरूआत में टमाटर प्रति किलो 40 रुपये प्रति किलो तक पहुंच चुका था, लेकिन वर्तमान में कीमतें बीते वर्ष के मुकाबले आधी से भी कम है। प्रदेश में कर्वधा, बेमेतरा, दुर्ग, रायपुर, बलौदाबाजार आदि जिलों में इन दिनों टमाटर की बड़ी खेप आ रही है।
डूमरतराई थोक बाजार के अध्यक्ष श्री निवास रेड्डी ने बताया कि पिछले वर्ष इसी महीने में बंगलुरू से टमाटर की आवक शुरू हो चुकी थी, लेकिन इस बार ऐसी नौबत नहीं है। राज्य में टमाटर की अच्छी फसल हो रही है। इसकी वजह से कीमतों में काफी कमी है। अभी बाहरी राज्यों से एक से दो ट्रक ही टमाटर आ रहा है, जबकि 80 फीसदी से अधिक मांग की आपूर्ति राज्य के भीतर से ही हो रही है।
सब्जी कारोबारियों के मुताबिक टमाटर की कीमतों में 20 दिन और राहत मिल सकती है। इसके बाद गर्मियों में उत्पादन काफी प्रभावित होगा। राज्य के भीतर कुछ जिलों में टमाटर उत्पादन मई,जून में भी जारी रहने की संभावना है। इसकी वजह से राज्य के भीतर कुछ इलाकों में राहत मिल सकती है।यह देखना लाजिमी होगा कि प्रदेश में मई-जून के भीतर टमाटर की कीमतों की क्या स्थिति होगी। कोरोना के सामान्य हालातों के बाद वर्तमान में सब कुछ अनलाक हैं। ऐसी स्थिति में होटल-ढ़ाबे-रेस्टोरेंट आदि सब शुरू हो चुके हैं। बम्फर उत्पादन की वजह से मांग के बावजूद कीमतों में स्थिरता है।
