
कलेक्टर पुष्पेन्द्र कुमार मीणा द्वारा धान उपार्जन के पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिये खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग एवं सीसीबी बैंक प्रबन्धकों की बैठक बुलाई। इस बैठक में कलेक्टर ने बारदानों की स्थिति, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, अंतर्राज्यीय धान के परिवहन पर रोक, स्थानीय कोचियों पर कार्यवाही एवं पुराने धान के विक्रय पर रोक के लिए चर्चा की। इस दौरान कलेक्टर ने गिरदावरी के दौरान 400 किसानों द्वारा रकबे के निर्धारण में कमीं के लिये दावा-आपत्ति पर कार्यवाही के लिए राजस्व अधिकारियों को निर्देशित करते हुए इन सभी मामलों की जल्द जांच कर सभी किसानों को उनके वास्तविक रकबे अनुसार धान उपार्जन के लिए अनुमति प्रदान करने के निर्देश दिये।
दो दिन में सौंपे रिपोर्ट – इस अवसर पर कलेक्टर ने सभी कृषकों के लिए अंतिम वर्ष पंजीयन एवं उनके रकबे की संख्या तथा ऐसे रकबे जिनका पंजीयन नहीं हुआ है उनकी जांच कर रिपोर्ट दो दिनों में देने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों द्वारा टोकन सिस्टम के नियमों, धान के आवक के समय सत्यापन, एप्प द्वारा मॉनिटरिंग, पुराने धान के विक्रय को रोकने के लिए चर्चा की। इस वर्ष 6929 किसानों के 7094 हेक्टेयर रकबे में हुई वृद्धि – इस वर्ष धान उपार्जन के लिए पंजीयनों की संख्या में समितियों की हड़ताल के कारण प्रभाव पड़ा है परंतु जिले में पंजीयनों की संख्या विगत वर्ष 2020-21 से अधिक देखी गई है। विभागीय आंकड़ों अनुसार वर्ष 2020-21 में जहां 36602 कृषकों द्वारा 53915 हेक्टेयर धान रकबा पंजीकृत करवाया थां। वहीं वर्ष 2021-22 के लिए 43528 कृषकों द्वारा 60965 हेक्टेयर रकबे के लिए पंजीकरण करवाया है। जिसके अनुसार गत वर्ष से इस वर्ष 6929 कृषकों द्वारा 7094 हेक्टेयर अधिक रकबे के लिए पंजीकरण करवाया है। जो गत वर्ष की तुलना में रकबे में 13.07 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
मौजूद रहे ये – इस बैठक में जिला खाद्य अधिकारी दिनेश्वर प्रसाद, सहायक पंजीयक केएल उईके, नोडल सहकारी बैंक एफएम खान सहित सभी खाद्य निरीक्षक, बैंक प्रबंधक सीसीबी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

