
रायपुर न्यूज धमाका – राजधानी रायपुर के कोटा इलाके में स्थित सुयश हॉस्पिटल की लापरवाही से मरीज की मौत के मामले में राज्य उपभोक्ता आयोग ने बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने अस्पताल प्रबंधन को मृतक के परिजनों को कुल 16 लाख रुपये का मुआवजा (ब्याज और मानसिक क्षतिपूर्ति सहित) देने का आदेश दिया है।
घटना और केस का विवरण
- मामला साल 2010 का है।
- मरीज हिमांशु सोनी सड़क हादसे के बाद पैरों की कमजोरी और पेशाब नली की समस्या से जूझ रहे थे।
- 18 से 24 दिसंबर 2010 तक उनकी लेजर सर्जरी हुई और अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया।
- 26 दिसंबर को तबीयत बिगड़ने पर उन्हें दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां इंजेक्शन देने के बाद उनकी मौत हो गई।
अस्पताल की सफाई और आयोग की टिप्पणी
- अस्पताल ने दावा किया कि मरीज को मृत अवस्था में लाया गया था।
- लेकिन प्रतिपरीक्षण में डॉक्टरों ने माना कि इंजेक्शन देकर पुनर्जीवन का प्रयास किया गया था।
- अस्पताल सीसीटीवी फुटेज, विजिटर रजिस्टर और रिपोर्ट भी पेश करने में असफल रहा।
आयोग का आदेश
- 15 लाख रुपये मुआवजा (6% वार्षिक ब्याज सहित)
- 1 लाख रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति
- 10 हजार रुपये वाद व्यय
राज्य उपभोक्ता आयोग की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति गौतम चौरडिया और सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा शामिल थे, ने जिला आयोग का फैसला बरकरार रखा और अस्पताल की अपील खारिज कर दी।



