
धमतरी न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। तहसीलदार की 27 वर्षीय बेटी और रसायन शास्त्र की अतिथि प्राध्यापक सुषमा साहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रुद्री थाना क्षेत्र के कैलाशपति नगर की है।
छुट्टियों से लौटते ही मौत को लगाया गले
सुषमा साहू नारायण राव मेघावाले कन्या महाविद्यालय में रसायन शास्त्र की अतिथि प्राध्यापक के रूप में कार्यरत थीं। वह रायपुर के कुशालपुर में अपने माता-पिता के साथ छुट्टियां बिताकर 13 जून को वापस धमतरी लौटीं थीं। लौटने के बाद वह अपने किराए के मकान में अकेली थीं और बाहर नहीं निकलीं।
14 जून की शाम तक जब कमरे का दरवाज़ा नहीं खुला और कोई जवाब नहीं मिला, तो पड़ोसियों ने पिता नारायण लाल साहू को सूचना दी। जब सुषमा का फोन भी रिसीव नहीं हुआ, तो स्थानीय रिश्तेदारों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, और सुषमा का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला।
मौके पर मिला सुसाइड नोट
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें सुषमा ने लिखा:
“सॉरी मम्मी, सॉरी पापा। मेरी इस गलती के लिए किसी को दोष न दें। मैं खुद जिम्मेदार हूं।”
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है, और सुसाइड नोट को जब्त कर लिया गया है।
पढ़ाई में तेज़, व्यवहार कुशल और मिलनसार थीं सुषमा
कॉलेज प्रशासन और सहकर्मी सुषमा साहू की आत्महत्या से स्तब्ध हैं। शिक्षकों और विद्यार्थियों का कहना है कि सुषमा बेहद मेहनती, मिलनसार और विषय में पारंगत थीं। छात्र-छात्राएं उन्हें बेहद पसंद करते थे।
शादी को लेकर थीं मानसिक दबाव में?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, सुषमा शादी को लेकर मानसिक तनाव में थीं, लेकिन अभी तक किसी ठोस कारण की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर रही है।
व्यक्तिगत परेशानियों को साझा करें, चुप न रहें
इस घटना ने फिर एक बार यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि बाहर से सामान्य दिखने वाले व्यक्ति भी भीतर से गहरे तनाव में हो सकते हैं। यदि आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक दबाव, अवसाद या अकेलेपन से जूझ रहा है, तो बात करें, मदद लें और मदद दें।



