रायपुर,न्यूज़ धमाका :- सिख धर्म के प्रथम गुरु गुरुनानक देव ने अमरकंटक से जगन्नाथपुरी यात्रा के दौरान बसना के समीप गढ़फुलझर गांव में दो दिन विश्राम किया था। उस गांव में नानक सागर साहिब गुरुद्वारा के नाम से भव्य तीर्थस्थल बनाया जा रहा है।गुरुद्वारा में शबद कीर्तन समागम का आयोजन किया गया।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के कीर्तनकार कुलदीप सिंह एवं गढ़फुलझर के बच्चों ने कीर्तन गान किया। इसमें सिख समाज के लोग काफी संख्या में शामिल हुए। कीर्तन के बाद लंगर में प्रसाद वितरण किया गया।कीर्तन समागम में नानक सागर साहिब तीर्थस्थल गढ़फुलझर निर्माण समिति एवं राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष महेंद्र छाबड़ा ने बताया कि निर्माणाधीन तीर्थस्थल में प्रत्येक माह भव्य कीर्तन समागम आयोजित किया जाएगा।
कीर्तन समागम में स्टेशन रोड गुरुद्वारा के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह छाबड़ा, निरंजन सिंह खनूजा, इंदरजीत सिंह छाबड़ा, तेजिंदर सिंह होरा, गुरुबक्श सिंह होरा, दिलीप सिंह छाबड़ा, कुलवंत सिंह खनूजा, तेजपाल सिंह टूटेजा, बाबा बुड्ढा साहिब गुरुद्वारा के अध्यक्ष हरकृष्ण सिंह राजपूत, रिंकू ओबराय, देवेंद्र सिंह आनंद, नानक सागर गढ़फुलझर गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान हरजिंदर सिंह हरजू एवं महिपाल सिंह, जसबीर सिंह राजू गुरुद्वारा कमेटी बसना से मंजीत सिंह सलूजा, लाल सिंह, मनजीत सिंह छाबड़ा, सराईपाली से रोमी सलूजा, पिथौरा से जगजीत सिंह माटा एवम कुलवंत सिंह खनूजा सहित महासमुंद जिले के बसना, सराईपाली, पिथौरा, सांकरा, बागबाहरा सहित सारंगढ़, खरियार रोड, प्रभारी मनजीत सिंह छाबड़ा आदि शामिल हुए।
