रायपुरछत्तीसगढ

नए साल का जश्न मनाने शराब परोसने की 28 अर्जीयां

रायपुर न्यूज़ धमाका /// राजधानी में नए साल के स्वागत में जाम छलकाने के लिए खासी तैयारियां की गई हैं। आबकारी विभाग को वन डे एफएल-05 लाइसेंस के लिए अर्जियां भी बड़ी संख्या में मिली हैं। आलम यह है कि शहर में नए साल के आगाज के तीन दिन पहले ही शराब के 28 काउंटर सज गए हैं। यहां शराब पिलाने आबकारी विभाग से लाइसेंस की मांग की गई है। सबसे ज्यादा होटल और रेस्टोरेंट से वन-डे लाइसेंस एफएल-05 के लिए अर्जियां दी गई हैं।

न्यू ईयर के ठीक पहले 28 जगहों पर शराब पिलाने की अनुमति मांगे जाने के बाद 30 दिसंबर तक कुछ और स्थानों के लिए अर्जियां लगाई जा सकती हैं। कलेक्टर की ओर से बार और रेस्टोरेंट में शराब कारोबार के संचालन के लिए पूर्व में तय समय रात 11 बजे तक है। वन-डे लायसेंस के लिए नया नियम लागू नहीं किया गया, तो पूर्व निर्धारित समयावधि के लिए ही लायसेंस जारी होंगे। मतलब रात 11 बजे के बाद शराब पिलाना अवैध माना जाएगा। आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम ने बताया, कलेक्टर द्वारा तय गाइडलाइन के हिसाब से लाइसेंस जारी किया जाएगा।

क्षमता से 50 फीसदी लोगों को ही कार्यक्रमों में प्रवेश की अनुमति दिए जाने के बाद शहर में कई जगहों पर बड़े इवेंट रद्द करने फैसला किया गया है। बड़े सेलिब्रिटी बुलाने से भी इस बार परहेज किया जा रहा है। डीजे पर पहले ही कई तरह की पाबंदियां लगाई जा चुकी हैं, इन शर्तों के बाद भी जहां आयोजन हो रहे वहां एंट्री फीस कुछ ज्यादा रहेगी।

वीआईपी होटलों में एक बार फिर बैन किए गए हुक्का कारोबार की सुगबुगाहट तेज हो गई है। गुपचुप तरीके से पुराने चेहरों को एंट्री देकर वीआईपी रोड स्थित कई होटलों में अभी भी धुंए का छल्ला उड़ाने का कारोबार चल रहा है। हालांकि पुलिस इस बात से इनकार कर रही है, लेकिन न्यू ईयर के मौके पर गुपचुप तरीके से कारोबार को अंजाम देने की चर्चाएं गरमाने लगी है। हुक्का फ्लेवर की बाजार में काफी डिमांड होने की वजह से भी संभावना बढ़ी है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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