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बंद हो चुका पीएफ खाता, अब 500 रुपए देकर होगा चालू, जल्द आएगा नया नियम

रायपुर न्यूज़ धमाका // कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के पूर्व सब्सक्राइबर्स के लिए अच्छी खबर है। ईपीएफओ जल्द एक नियम लागू करने वाला है। जिसके तहत जो सदस्य ईपीएफ से बाहर हो गए हैं। वे 500 रुपए देकर पीएफ खाता चालू कर सकते हैं। इस नियम का फायदा उन कर्मचारियों को होगा, जिनकी नौकरी छूटने के बाद पीएफ अकाउंट बंद हो गया है।

ईपीएफओ नियम पर कर रहा काम-एक अंग्रेजी वेबसाइट में छपी खबर के अनुसार ईपीएफओ इस नए नियम पर काम कर रहा है। जो कर्मचारी ईपीएफओ के सदस्य थे, लेकिन किसी कारण खाता बंद हो गया। वे महीने में 500 रुपए देकर या मासिक वेतन का 13 फीसद देकर ईपीएफओ से जुड़ सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार ईपीएफओ जमा-लिंक्ड बीमा योजना पर इसके प्रभाव का आकलन करने की कोशिश कर रहे हैं।

लाखों कर्मचारियों को होगा फायदा-कर्मचारी भविष्य निधि का अनुमान है कि 2018-20 के दौरान लगभग 4.8 लाथ लोग संगठन से बाहर हो गए हैं। जिनका डेटाबेस ईपीएफओ के पास आसानी से उपलब्ध है। साल 2020 में कोरोना संक्रमण के कारण यह संख्या बहुत अधिक हो सकती है। अगर यह प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो इससे लाखों श्रमिकों को बड़ी राहत मिलेगी।

आधार से जुड़ा डेटाबेस-सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 ईपीएफओ के तहत नई योजनाओं को जोड़ने का प्रावधान करती है। इसलिए, इसे अगले वित्त वर्ष तक कोड के कार्यान्वयन के साथ शुरू किया जा सकता है। सेवानिवृत्ति निधि निकाय के पास सभी बाहर निकलने वाले सदस्यों का डेटाबेस है, जो आधार के साथ जुड़ा हुआ है।

कर्मचारियों को मिलेंगे ये लाभ

इस कदम से व्यक्तियों को एक सेवानिवृत्ति कोष बनाने में मदद मिलेगी, जो किसी भी अन्य जमा योजनाओं की तुलना में अपेक्षाकृत अधिक दर पर निश्चित रिटर्न की पेशकश करेगा। ईपीएफ योजना में नामांकन करने वाले व्यक्ति पेंशन, पीएफ और बीमा का लाभ उठा सकेंगे। बता दें ईपीएफओ ने वित्त वर्ष 2011 के लिए 8.5% ब्याज दिया है। संगठन से 6.9 लाख सदस्य और 7.1 लाख पेंशनभोगी जुड़े हैं

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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