
जेपी अस्पताल के रेडियोलाजिस्ट डा. राजेंद्र गुप्ता की पत्नी रश्मि गुप्ता का गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया। वह 60 साल की थीं। राजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी दोनों 15 नवंबर को कोरोना से संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद दोनों को एम्स में भर्ती कराया गया था। यहां राजेेन्द्र गुप्ता की हालत तो शुरू से ठीक थी, लेकिन उनकी पत्नी की हालत लगातार बिगड़ रही थ्ाी। बुधवार को उन्हें सांस में तकलीफ बढ़ी तो वेंटिलेटर पर रखा गया था।
जेपी अस्पताल के उनके परिचित डाक्टरों ने बताया कि पति-पत्नी दोनों को कोरोना से सुरक्षा देने वाले टीके की दोनों डोज लगी थीं। डा. रश्मि गुप्ता को पहले से दूसरी बीमारियां भी थीं। वह करीब तीन महीने बिस्तर पर थीं। उनके निधन के बाद डा. राजेन्द्र गुप्ता भी एम्स से छुट्टी कराकर घर आ गए हैं। उनके यहां तीन अन्य लोगों के संक्रमित होने की जानकारी आई है, पर स्वास्थ्य विभाग के अफसर पुष्टि नहीं कर रहे हैं। भोपाल में चार महीने के भीतर कोरोना से यह तीसरी मौत है। इसके पहलेे 26 अक्टूबर को कोलार के 65 साल के एक मरीज की चिरायु अस्पताल में मौत हो गई थी।
संपर्क में आई गर्भवती की कराई जा रही जांच
जेपी अस्पताल में सोनोग्राफी के दौरान डा. राजेंद्र गुप्ता के संपर्क में आई गर्भवती महिलाओं की भी पहचान कर कोरोना की जांच कराई जा रही है। वह हर दिन करीब 150 महिलाओं की सोनोग्राफी कर रहे थे। माना जा रहा है कि उनके संक्रमित होने के बाद करीब 500 महिलाएं उनके संपर्क में आई होंगी। गर्भवती महिलाओं में करीब 30 फीसद को ही कोरोना का टीका लगा है। इस कारण उनके संक्रमित होने का खतरा ज्यादा है।


