
रायपुर न्यूज़ धमाका /// गुरुवार को प्रदेश भर में 7 मरीजों की मौत हो गई। तीसरी लहर के दौरान यह पहली बार हुआ है जब एक दिन में 7 मौत दर्ज हुई है। डेथ ऑडिट रिपोर्ट से सामने आया है कि दूसरी लहर की तरह इस बार सांस फूलने अथवा शरीर में ऑक्सीजन की कमी से मौत का आंकड़ा बेहद कम है।
डॉ. भीमराव आम्बेडकर अस्पताल में क्रिटिकल केयर विभाग के प्रमुख डॉ. ओपी सुंदरानी ने बताया, इस बार वायरस का स्वभाव बदला हुआ है। दूसरी लहर के दौरान अस्पताल पहुंचने वाले 90% लोगों को ऑक्सीजन की कमी महसूस हो रही थी। उनकी सांस फूल रही थी। शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा गिर चुकी होती थी।
अभी ऐसे केस लगभग नहीं के बराबर आ रहे हैं। अभी अस्पताल के कोविड ICU में 18 लोग भर्ती हैं तो उनमें से 15 लोग ऐसे हैं, जिन्हें दूसरी बीमारियों अथवा एक्सीडेंट की वजह से लाया गया था। यहां टेस्ट हुआ तो वे कोविड-पॉजिटिव आए।
पिछले दिनों जो मौतें हुईं उसमें एक मरीज के पूरे शरीर में कैंसर फैल गया था। दो मरीजों को ब्रेन हैमरेज था जबकि एक मरीज को एक्सीडेंट में सिर की चोट की वजह से लाया गया था। बताया जा रहा है, अभी तक हुई मौतों में अधिकतर की अधिक उम्र, दूसरी गंभीर बीमारियों और बेहद कमजोर प्रतिरोधक क्षमता की वजह से ही जान गई है। पिछले 13 दिनों में प्रदेश के 35 मरीजों की जान जा चुकी है। इसमें से 15 लोगों की जान अकेले रायपुर जिले में गई है।
गुरुवार को मरने वालों में 2 दुर्ग के और एक-एक राजनांदगांव, रायपुर, बलौदाबाजार, कोरबा और जांजगीर-चांपा के मरीज थे। गुरुवार को प्रदेश में जांच का दायरा बढ़ाकर 63 हजार 221 सैंपल कलेक्ट हुए। इस दौरान 6 हजार 15 नए लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई। इस हिसाब से दैनिक संक्रमण दर 9.51% रही। रायपुर में सबसे अधिक 2 हजार 20 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। एक दिन पहले यहां से 1700 से अधिक मरीज मिले थे।
रायपुर में सबसे अधिक जांच हो रही है। इस हिसाब से 2 हजार 20 मरीज मिलने के बाद भी यहां संक्रमण दर 17.44% ही है। दुर्ग में 673 नए मरीज मिले हैं। वहां संक्रमण दर 28% के आसपास बताई जा रही है। कोरबा में 520 मरीज सामने आए हैं जबकि संक्रमण दर 22% और रायगढ़ में 23% के आसपास बताया जा रहा है। रायगढ़ में 454 और बिलासपुर में 459 नए मरीज मिले हैं। इनके साथ 17 जिले ऐसे हैं जहां संक्रमण दर खतरे के निशान से ऊपर है। केवल 11 जिलों में संक्रमण दर 4% से कम है।

