
रायपुर,न्यूज़ धमाका :-छत्तीसगढ़ प्रदेश सरकार तीन साल में 944 निर्दोष आदिवासियों के खिलाफ दर्ज 718 प्रकरण वापस लेने का दावा कर रही। लेकिन अब भी ऐसे ही मामले में जेलों में बंद करीब 16 हजार आदिवासी रिहाई की राह देख रहे हैं। इसको लेकर आदिवासी समाज का एक वर्ग सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रह है।
कांग्रेस के आदिवासी नेता भी इसको लेकर सवाल उठा रहे हैं। कह रहे हैं कि प्रकरण कैसे वापस लिए जा सकते हैं, इसकी घोषणा करने से पहले परीक्षण कर लिया जाता तो ऐसी स्थिति नहीं बनती। वहीं, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता
और पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि कांग्रेस आदिवासियों के साथ छल कर रही है।
इस मामले गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि सरकार अपना हर वादा पूरा कर रही है। यही वजह है कि कांग्रेस सरकार में सभी वर्ग के लोग खुश हैं। उन्होंने कहा कि जहां तक आदिवासियों के प्रकरण वापसी का सवाल है तो इस मामले में वे विभाग से जानकारी लेने के बाद ही वे कोई टिप्पणी कर पाएंगे। बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने सामान्य प्रकरणों में जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों के केस समाप्त करने की घोषणा की थी।
