
जशपुर न्यूज़ धमाका /// आपरेशन घर वापसी अभियान के लिए दुनियाभर में चर्चित रहा है। इस अभियान के महानायक कुमार दिलीप सिंह जूदेव के स्वर्गवास के बाद अब उनके सुपुत्र प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने इस अभियान को जारी रखने का जिम्मा उठा लिया है। स्व. दिलीप सिंह जूदेव के पुत्र और भाजपा के प्रदेश मंत्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने 400 परिवारों के 1200 लोगों के पांव धोकर हिंदू धर्म में वापसी कराई। इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ जुटी थी। इस अवसर पर प्रबल प्रताप सिंह ने कहा है कि हिंदुत्व की रक्षा करना उनके जीवन का एकमात्र संकल्प है। घर वापसी करने वाले अधिकांश परिवार बसना-सराईपाली के थे।
मज़बूरी का फायदा उठाकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है
ऑपरेशन घर वापसी अभियान के कर्ताधर्ता प्रबल प्रताप सिंह ने कहा कि आज इतनी अधिक संख्या में लोगों की मूल धर्म में वापसी अच्छे संकेत हैं। किसी की मजबूरी का फायदा उठाकर किया गया काम कभी टिकाऊ नहीं होता है। मिशनरियों ने गरीबों की मजबूरी का फायदा उठाकर उनका धर्मांतरण किया था। शिक्षा व स्वास्थ्य के नाम पर धर्म का सौदा किया था। हम लगातार इन षड्यंत्रों को बेनकाब करते रहेंगे।
घर वापसी करने वालों को बसना से 20 बसों में लाया गया था। कार्यक्रम स्थल में उन्हें मूल धर्म में वापसी कराई गई। इनमें 100 परिवार स्थानीय और 300 परिवार बसना-सराईपाली से थे। मूल धर्म में लौटे लोगों ने बताया कि करीब तीन पीढ़ी पहले उनके पूर्वजों का धर्मांतरण हुआ था। उस वक्त वे बेहद गरीब थे और खेती में कुछ मदद और बीमारियों में इलाज की सहायता मिलने के कारण पूर्वजों ने धर्म परिवर्तन कर लिया था। पर अब वे जागरूक हो गए हैं।
पत्थलगांव के खूंटापानी में आर्य समाज और हिंदू समाज की ओर से दो दिवसीय महायज्ञ का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में शुक्रवार को हिंदू स्वाभिमानी सूर्य की उपाधि प्राप्त जशपुर राजपरिवार के प्रबल प्रताप सिंह जूदेव मुख्य अतिथि थे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर रायगढ़ राजघराने के देवेन्द्र प्रताप सिंह, आर्य समाज के अंशुल देव महाराज, जशपुर के विजय आदित्य सिंह जूदेव, खुड़िया दीवान प्रदीप नारायण भी उपस्थित रहे खूंटापानी में हुए दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन गुरुवार को आर्य समाज की ओर से कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में सैकड़ों महिलाएं शामिल हुईं। इसके बाद बाइक रैली निकली। बाइक रैली में 300 युवा शामिल हुए थे। बाइक रैली खूंटापानी से निकलकर चिकनीपानी, लुड़ेग, पत्थलगांव से लैलुंगा होते हुए वापस खूंटापानी पहुंची थी। इस रैली में शामिल युवा जय श्री राम के नारे लगा रहे थे।
