
रायपुर न्यूज़ धमाका /// कांकेर जिले के अपने गांवों को नारायणपुर जिले में शामिल करने की मांग लेकर राजधानी पहुंचे ग्रामीणों की आवाज पर सरकार झुकी है। राज्य सरकार ने 53 गांवों को नारायणपुर जिले में शामिल करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है। केंद्र सरकार की अनुमति मिली तो अंतागढ़ ब्लॉक के ये 53 गांव नारायणपुर जिले का हिस्सा बन जाएंगे।अधिकारियों ने बताया अंतागढ़ क्षेत्र के इन गांवों को नारायणपुर में शामिल करने का प्रस्ताव भेज दिया गया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को केंद्र सरकार से समन्वय करने का निर्देश दिया है। अंतागढ़ क्षेत्र के आदिवासी पिछले काफी समय से इसकी मांग कर रहे हैं। पदयात्रा शुरू करने से पहले ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर 45 दिनों तक रावघाट मंदिर के पास धरने पर भी बैठे थे। ग्रामीणों ने कहा अपना दर्द अब राज्यपाल को बताएंगे। हाथों में तिरंगा, महात्मा गांधी की तस्वीर और लाठी लेकर 2500 से ज्यादा लोग मंगलवार को रायपुर पहुंच गए। अंतागढ़ विधायक अनूप नाग की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने भी कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री से मुलाकात कर यही मांग रखी थी।
राज्यपाल से की मिलाकात
राज्यपाल अनुसूईया उइके भी मंगलवार को ग्रामीणों से मुलाकात करने रायपुर के इनडोर स्टेडियम पहुंची। उन्होंने कहा, कांकेर कलेक्टर ने उनके 53 गांवों को नारायणपुर में शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। इसके लिए राज्यपाल ने निर्देशित किया था। राज्यपाल अनुसूईयसा उइके ने कहा, अब सरकार से इन गांवों को नारायणपुर में शामिल करने की बात कही जाएगी। उन्होंने कहा, मुझे यह जानकर बहुत दु:ख हुआ कि आप लोग 2007 से ही इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं।

आदिवासियों की मांग पर सीएम भूपेश बघेल ने बड़ा निर्णय लेते हुए 53 गांवों को नारायणपुर जिले में शामिल करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि केन्द्र के साथ समन्वय बनाते हुए इस मांग पर कार्यवाही करें। गौरतलब है कि हजारों ग्रामीण अंतागढ़ से पैदल राजधान पहुंचे हैं। उन्हें पहले ही अंतागढ़ में रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं माने। जैसे-तैसे वे रायपुर पहुंच ही गए। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात की और 53 गांवों को नारायणपुर जिले में शामिल करने का आग्रह किया। आदिवासियों की मांग के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस संबंध में एक प्रस्ताव बनाकर केन्द्र सरकार को भेजें।

