
कोण्डागांव में 2000 एकड में ऐरोमेटिक फसलों की खेती करने की हो रही है युद्धस्तर पर तैयारी।
प्रगतिशील कृषकों के साथ विभागीय अधिकारियों ने प्रशिक्षण में हुए सम्मिलित
कोंडागांव न्यूज़ धमाका । कोण्डागांव में जिला प्रशासन द्वारा कोण्डागांव को एक अरोमा हब सुगंधित फसलों का केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए ऐरोमेटिक कोण्डानार अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत् गुरूवार को कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा के मार्गदर्शन में जिला कार्यालय के सभाकक्ष में सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ ऐरोमेटिक प्लांट्स सीमैप लखनऊ एवं जिला प्रशासन के द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीएसआईआर अरोमा मिशन एवं ऐरोमेटिक कोंडानार के अंतर्गत सुगंधित एवं औषधीय फसलों की खेती के लिये चयनित क्लस्टर के प्रगतिशील कृषकों, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, डीएमएफटी पीएमयू, वन विभाग के तकनीकी अमलों को प्रशिक्षण दिया गया।
लखनऊ के विषेषज्ञों ने दिया प्रषिक्षण – इस कार्यक्रम में सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ ऐरोमेटिक प्लांट्स सीमैप लखनऊ के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा सुगंधित एवं औषधीय पौधों के खेती, उनके विपणन एवं प्रसंस्करण के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। सीएसआईआर एवं सीमैप द्वारा ऐरोमेटिक कोण्डानार को नेशनल अरोमा मिशन के अंतर्गत शामिल करते हुए कृषकों को तकनीकी सहायता, उपकरण, उत्कृष्ट बीज एवं उद्यान भ्रमण के साथ सुगंधित फसलों के उत्पादन के लिये हर संभव मदद प्रदान की जायेगी।
2000 एकड पर होगी ऐरोमेटिक फसलों की खेती – ऐरोमेटिक कोण्डानार के तहत् जिले में निजी कृषकों की भूमि, वनभूमि, एफआरए क्लस्टरों, निजी प्रगतिशील कृषकों की भूमियों को मिलाकर कुल 02 हजार एकड़ भूमि पर ऐरोमेटिक फसलों का उत्पादन इस वित्तीय वर्ष के अंतर्गत किया जाना है। इन फसलों के प्रसंस्करण के लिये प्रसंस्करण प्लांट स्थापना के लिये एमओयू भी बनाया जा रहा है।
मौजूद रहे ये – इस कार्यक्रम में सेंट्रल इंस्टीट्यूट आफ ऐरोमेटिक प्लांट्स के वैज्ञानिक डॉ संजय कुमार, उप संचालक कृषि देवेंद्र रामटेके, अनु विभागीय कृषि अधिकारी उग्रेश कुमार देवांगन, सनफ्लेग एग्रोटेक कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर रजनीश अवस्थी, अनुविभागीय अधिकारी वन विभाग एवं कृषि विभाग के आरएईओ, सभी वन विभाग के रेंजर, उद्यानिकी अधिकारी, प्रगतिशील कृषक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

