
27 जुलाई 2026 //
रायपुर न्यूज़ धमाका – छत्तीसगढ़ के प्रमुख और मध्यम जलाशयों में इस मानसून सीजन में पानी का भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर स्थिति में है
छत्तीसगढ़ के प्रमुख और मध्यम जलाशयों में इस मानसून सीजन में पानी का भंडारण पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर स्थिति में है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 12 प्रमुख जलाशयों में कुल 3840.347 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध है, जो उनकी कुल लाइव क्षमता का 71.71 प्रतिशत है।

पिछले वर्ष इसी अवधि में प्रमुख जलाशयों में लाइव क्षमता का 45.76 प्रतिशत पानी था। 7 जलाशयों-बांधों में पानी स्पिलवे, स्लुइस और नहर के जरिए पानी छोड़ा गया है। इनमें मिनीमाता बांगो, कोसारटेड, श्याम सरगुजा, परलकोट, झुमका, खामरपाकुट, केदार नाला में नहरों के जरिए पानी छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा स्पिलवे से सूखा नाला बैराज से पानी छोड़ा जा रहा है।
जलाशयों में जल संग्रहण की स्थिति
राज्य के 34 मध्यम जलाशयों में 563.064 मिलियन घनमीटर पानी संग्रहित है, जो कुल लाइव क्षमता का 56.05 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की तुलना में यह भी अधिक है, जब मध्यम जलाशयों में 49.12 प्रतिशत पानी उपलब्ध था। रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख और मध्यम जलाशयों को मिलाकर कुल 46 महत्वपूर्ण जलाशयों में 4403.41 मिलियन घनमीटर पानी संग्रहित है, जो कुल लाइव क्षमता का 69.23 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी तारीख को इन जलाशयों में 57.32 प्रतिशत पानी था, जबकि वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 46.29 प्रतिशत था।
12 प्रतिशत अधिक पानी
इस तरह देखा जाए तो अब तक राज्य के महत्वपूर्ण जलाशयों में पानी का भंडारण पिछले साल की तुलना में करीब 11.91 प्रतिशत अधिक है। अच्छी बारिश के चलते जलाशयों की स्थिति में सुधार हुआ है, हालांकि कुछ जलाशयों में पानी का स्तर अभी भी अपेक्षाकृत कम है। कुछ क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से बारिश की गतिविधियां कमजोर होने की वजह से बांधों में पानी की आवक कम हो गई है। आने वाले दिनों में इसके बढ़ने पर जलभराव में परिवर्तन आया है।

बड़े बांधों में खारंग और मनियारी, मध्यम में घोंघा, झुमका और खपरी लबालब
प्रमुख जलाशयों में मिनीमाता बांगो जलाशय, कोरबा में सबसे अधिक 78.54 प्रतिशत, दुधावा में 74.07 प्रतिशत, खारंग और मनियारी में 100 प्रतिशत, सिकासार में 76.44 प्रतिशत, तांदुला 46.41 प्रतिशत, सोंदूर में 68.22 प्रतिशत, कोडार में 64.67 प्रतिशत और मुरुमसिल्ली, धमतरी में 50.49 प्रतिशत पानी दर्ज किया गया है। रविशंकर सागर में 48.48 प्रतिशत, केलो में 54.93 प्रतिशत और अरपा-भैंसाझार बैराज में 17.84 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। मध्यम जलाशयों में श्याम जलाशय 84.69, छीरपानी 80.14, सुतियापाट 80.70, पिपरिया नाला 72.26, घोंघा 100, झुमका 83.70 और खपरी में 100 प्रतिशत पानी है। परलकोट जलाशय में सबसे कम जलभराव दर्ज किया गया है। यहां 1.29 प्रतिशत लाइव क्षमता में पानी है। वहीं केशवा जलाशय, महासमुंद में 32.47 प्रतिशत पानी दर्ज किया गया है।



