
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य की कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण से जुड़े बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से साइबर अपराध और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर सख्त चिंता जताई और अधिकारियों को ठोस एवं सतत कार्रवाई के निर्देश दिए।
साइबर अपराध पर सीएम साय के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराध समाज और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि अपराधियों के तौर-तरीके लगातार बदल रहे हैं, इसलिए पुलिस को आधुनिक तकनीक और डिजिटल टूल्स का अधिकतम उपयोग करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:
- साइबर अवेयरनेस अभियान लगातार चलाया जाए ताकि लोग ठगी, फिशिंग, ओटीपी फ्रॉड और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बच सकें।
- हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि नागरिक किसी भी साइबर ठगी की सूचना तुरंत दे सकें।
- राज्य में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हैं, जल्द ही 9 नए साइबर थाने भी शुरू किए जाएंगे।
- पुलिस, बैंकिंग सेक्टर, दूरसंचार कंपनियों और आईटी विभाग के बीच समन्वय बढ़ाया जाए।
- स्कूल-कॉलेज और पंचायत स्तर पर साइबर सुरक्षा पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
नशे के कारोबार पर सख्ती
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मादक पदार्थों और नशीली दवाओं का प्रसार युवाओं के भविष्य को नष्ट कर रहा है और अन्य अपराधों को भी बढ़ावा दे रहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि:
- राज्यभर में विशेष अभियान चलाकर नशे के कारोबार पर कठोर कार्रवाई की जाए।
- सीमावर्ती इलाकों में निगरानी बढ़ाई जाए, क्योंकि वहीं से नशे की तस्करी की संभावना अधिक रहती है।
- NDPS एक्ट के तहत दर्ज मामलों में निर्धारित समयावधि में कार्रवाई पूरी की जाए।
- शिक्षा, खेल और सामाजिक विभागों के सहयोग से नशामुक्ति अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा विकास और राष्ट्र निर्माण में लगाएं।
बैठक में उपस्थित अधिकारी
बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, राज्य के सभी रेंज आईजी, कलेक्टर और एसपी उपस्थित रहे।



