
सिख समाज द्वारा गुरु नानक देव महाराज का 553 वां प्रकाश पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर शुक्रवार को हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। इस मौके पर मुख्य दीवान गुरु तेग बहादुर स्टेडियम राजमोहल्ला में सजेगा। इसके लिए 15 हजार वर्गफीट का 17 फीट उंचा जर्मन डोम बनाया गया है। इस मौके पर दीवान दो सत्रों में होगा। इसमें कीर्तन, गुरमत विचार, अमृत संचार होगा। इसके साथ ही जन्म के समय ठीक रात 1.22 बजे फूलों की वर्षा की जाएगी।
तीन दिनी कीर्तन दीवान के दूसरे दिन गुरुवार को गुरुतेग बहादुर स्टेडियम दीवान सजा। इसमें भाई बलविंदर सिंह ने गुरबाणी शबद सुनी पुकार दातार प्रभ, गुरु नानक जग आए पठाया सुनाया । इसका अर्थ समझाते हुए कहा कि धरती की पुकार सुनके परमात्मा ने गुरु नानक साहिब को धरती पर भेजा। भजने के पीछे मनुष्य को परमात्मा से जोड़ना था। इससे लोगों के मन की तपन दूर हो। इस मौके पर ज्ञानी जोगिंदर सिंह ने नानक के जीवन के प्रेरक प्रसंग की व्याख्या की।
इस तरह से मनाया जायेगा कार्यक्रम – दीवान सुबह 5.15 से दोपहर 3 और शाम 6.30 से रात 1.30 बजे बजे तक होगा। नितनेम साहिब का सुबह 5.15 से 6.15 और सुखमनी साहिब 6.15 से 7.30 तक सामूहिक पाठ होगा। आसा दीवार सुबह 7.30 से 8.30 और भाई शमशेर सिंह का कीर्तन 8.30 से 9. 45 बजे तक होगा। इसके बाद स्कूली बच्चों द्वारा 9.45 से 10.30 और इसके बाद गुरमत संचार होगा। गुरमत विचार सुबह 11:45 से ज्ञानी जोगिंदर सिंह और भाई बलविंदर सिंह का कीर्तन इसके बाद दोपहर 1.45 बजे तक होगा। यह सिलसिला दोपहर 3 बजे तक चलेगा। इसके बाद शाम को दीवान शाम 6.30 बजे शुरू होगा। इसके समापन रात 1.22 बजे अवतरण पर फलों की बारीश के बाद 1.30 बजे होगा।



