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पर्यटन स्थल बना मौत का गवाह: ‘माई का मड़वा’ जलप्रपात में डूबने से CA छात्र की दर्दनाक मौत

मरवाही न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल माई का मड़वा में एक दर्दनाक हादसे ने रविवार को खुशियों को मातम में बदल दिया। रायपुर में सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंसी) की पढ़ाई कर रहे 22 वर्षीय प्रांजल नामदेव की जलप्रपात में डूबने से मौत हो गई। प्रांजल अपने परिवार के साथ घूमने आए थे, लेकिन एक छोटी सी चूक ने उसकी ज़िंदगी छीन ली।

पैर फिसला और गहरे पानी में समा गया जीवन

मिली जानकारी के अनुसार, प्रांजल अपने परिजनों के साथ छुट्टियों में माई का मड़वा घूमने आए थे। यह स्थल प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है, लेकिन दुर्गम रास्तों और खतरनाक जलधाराओं के कारण बेहद जोखिमपूर्ण भी माना जाता है। घूमते वक्त अचानक प्रांजल का पैर फिसला और वह गहरे जलप्रपात में जा गिरा।

दुर्भाग्यवश, प्रांजल को तैरना नहीं आता था। परिजन और आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत प्रयास कर उसे बाहर निकाला और गौरेला के जिला अस्पताल ले गए। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी—डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

शोक की लहर, सवालों के घेरे में पर्यटक स्थल की सुरक्षा

इस घटना से क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। युवा और प्रतिभाशाली छात्र की असमय मृत्यु ने उसके परिवार, मित्रों और स्थानीय समाज को गहरा सदमा दिया है। वहीं, माई का मड़वा जैसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा उपायों की कमी पर भी सवाल उठने लगे हैं। मौके पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड था, न ही कोई सुरक्षाकर्मी।

प्रशासन ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही गौरेला पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की बात कही है।


श्रद्धांजलि

“ईश्वर प्रांजल की आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति दे। यह हम सभी के लिए एक चेतावनी है कि प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेते समय सुरक्षा को नज़रअंदाज़ न करें।”

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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