
रायपुर,न्यूज़ धमाका :- करीब 15 साल पहले वजन काफी बढ़ गया था, मोटापे के कारण चलने, फिरने, उठने, बैठने में परेशानी होने लगी थी। परिचित ताना मारते थे, हीन भावना से ग्रसित हो गई थी। जीवन में निराशा छाने लगी थी। ऐसे में अपने आपको संभाला। व्यायाम, नृत्य करके वजन कम किया। खुद से ही प्रेरणा मिली और कुछ नया करने का संकल्प लिया।
अब मेरी जिंदगी बदल चुकी है, अपने अनुभव और दूसरों को प्रशिक्षण देकर उनका जीवन संवारने में जुट गई हूं। कई महिलाएं, कालेज की युवतियों को भी निराशा से उबारने का प्रयास जारी है। यह कहानी है, मात्र 10वीं तक पढ़ाई करके जीवन में अनेक मुसीबतों का सामना करके अपना विशेष मुकाम हासिल कर चुकीं राजधानी निवासी अंजना पिथालिया की। महिला दिवस पर 8 मार्च को वृंदावन हाल में उनका सम्मान होने जा रहा है।नईदुनिया से बातचीत में अंजना ने बताया कि वे जामनगर, गुजरात के साधारण गुजराती परिवार से हैं, रायपुर में शादी के बाद आईं। उन्होंने दसवीं कक्षा तक पढ़ाई की है। उन्होंने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। मेरा वजन बहुत ज्यादा था। पहले मैंने स्वयं को बदला, फिर मैंने दिल्ली और बेंगलुरु से योग और जुम्बा, आहार एवं ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण लिया। लगभग 20 किलो वजन कम किया। ये मेरी ज़िंदगी का एक अहम मोड़ साबित हुआ। तत्पश्चात मैंने सोचा कि मैं दूसरों को भी वजन कम करने में मदद कर सकती हूं।
