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रायपुर में गाज गिरने से मासूम की मौत: विशेषज्ञों ने उठाए सवाल, कहा- “समय रहते चेताते तो बच सकती थी जान”

रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 10 सितंबर को स्कूल के खेल मैदान में खेलने के दौरान गाज गिरने से मासूम की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस घटना पर जलवायु विशेषज्ञ नितिन सिंघवी ने कहा है कि यदि स्कूल प्रशासन और शासन ने समय रहते कदम उठाए होते तो यह त्रासदी टाली जा सकती थी।

बिजली गिरने की बढ़ती घटनाएं

सिंघवी के अनुसार, 2019-20 से 2022-23 के बीच देश में बिजली गिरने की घटनाएं लगभग 53% बढ़ी हैं। कई राज्यों में यह वृद्धि 300% तक दर्ज की गई है। 2022 में भारत में पिछले 14 वर्षों की सर्वाधिक 907 मौतें गाज गिरने से हुईं।

स्कूल प्रशासन को क्या करना चाहिए

विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि:

  • स्कूलों में लाइटनिंग अरेस्टर लगाना अनिवार्य हो।
  • दामिनी एप का उपयोग कर समय पर चेतावनी दी जाए।
  • मौसम खराब होने पर बच्चों को तुरंत भवन के भीतर ले जाने के निर्देश पहले से तय हों।

ग्रामीण इलाकों के लिए सिफारिशें

  • पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों में लाइटनिंग अरेस्टर लगाए जाएँ।
  • ग्रामीणों के लिए अर्ली वार्निंग सिस्टम जैसे सायरन और लोकल अलर्ट तैयार हों।
  • पेड़ों के नीचे, तालाब-नदी किनारे या खुले मैदान में खड़ा होने से बचें।

सरकार से बड़ी उम्मीदें

सिंघवी ने मांग की है कि राज्य सरकार खुद का प्रादेशिक अलर्ट एप तैयार करे और चरम मौसम की घटनाओं के लिए AI आधारित सामूहिक चेतावनी प्रणाली विकसित करे।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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