उत्तरप्रदेशदेश

सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार तक सुनवाई टली,वाराणसी कोर्ट में 70 पेज की रिपोर्ट पेश

उत्तरप्रदेश,न्यूज़ धमाका :- वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद केस में सुनवाई टल गई है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार तक के लिए सुनवाई टाल दी। साथ ही निचली अदालत यानी वाराणसी की अदालत को निर्देश दिया कि वो भी मामले में कोई सुनवाई न करे।

सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देस उस समय आया जब काशी की स्थानीय अदालत में सर्वे रिपोर्ट पेश कर दी गई। कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह ने जज रवि दिवाकर को सीलबंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंपी। यह रिपोर्ट 14 से 16 मई के बीच की गई वीडियोग्राफी की है। कुल मिलाकर अब दोनों ही अदालतों में शुक्रवार को सुनवाई होगी। वैसे सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्षों ने जल्द सुनवाई की अपील की है।

हिंदू पक्ष की ओर से याचिका दायर की गई है कि उन्हें शिवलिंग की पूजा करने की अनुमति मिले। नमाज का स्थान बदला जाए। जहां वजू की जाती है, वह स्थान हिंदुओं को दिया जाए। वहीं नंदी के सामने की दीवार हटाई जाए। मछलियां हटाई जाए।

वहीं पिछली सुनवाई में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि जिस क्षेत्र में शिवलिंग पाया गया था, उसे सुरक्षित कर लिया जाए। वहीं मुस्लिम समुदाय को भी नमाज की अनुमति दी जाए। इस बीच, वाराणसी की अदालत ने अपने द्वारा नियुक्त सर्वेक्षण दल को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए दो और दिन का समय दिया है।

RSS की प्रतिक्रिया

ज्ञानवापी केस में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने प्रतिक्रिया दी है। RSS के सुनिल आम्बेडकर ने कहा है कि सच्चाई छुपाई नहीं जा सकती है। जो भी तथ्य हैं, वो सामने आना चाहिए।

ज्ञानवापी परिसर में कई जगह हैं धार्मिक आकृतियां

इस बीच, सूचना है कि ज्ञानवापी परिसर में कई जगह देवी-देवताओं की आकृतियां मिली हैं। ऐसे शिलापट्ट हैं, जिन पर कमल की आकृति साफ देखी जा सकती है। एक शिलापट्ट पर शेषनाग का स्पष्ट चिह्न भी है। पूर्व एडवोकेट कमिश्नर अजय कुमार मिश्र की रिपोर्ट में इनका उल्लेख है। न्यायालय के आदेश पर छह और सात मई को हुए सर्वे की रिपोर्ट उन्होंने बुधवार को सिविल जज (सीनियर डिविजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत को सौंपी।

एडवोकेट हरिशंकर जैन ने शिवलिंग को फव्वारा बताने पर जताई आपत्ति

जागरण संवादाता, वाराणसी : ज्ञानवापी मामले में वादी पक्ष के वकील हरिशंकर जैन ने बुधवार को कहा कि सच सामने आना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर आपत्ति जाहिर की कि अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी शिवलिंग को फव्वारा बता रही है।

बोले-यदि वह फव्वारा है तो उसे चलाकर दिखाएं। कमेटी तहखाने तक जाने से क्यों मना कर रही है यह भी सवालों के घेरे में है। सर्वे में मिले शिवलिंग को प्रमाणित करने में जितनी भी बातें हैं उसे कोर्ट के सामने रखेंगे।

उन्होंने कहा कि कोर्ट में उनका आवेदन लंबित है, जिसमें वजूखाने की दीवार तोड़कर अंदर जाने की मांग की गई है। यह दावा किया कि नंदी विग्रह के सामने व्यासजी के कक्ष से शिवलिंग तक रास्ता जाता है, वहां खोदाई कराने से सच सामने आ जाएगा।

जैन ने कहा कि अभी और भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे। मंगलवार को सांस लेने में परेशानी होने पर उन्हें वाराणसी के अग्रिम हास्पिटल में दाखिल कराया गया था। बुधवार को हालत में सुधार होने पर उनकी अस्पताल से छुट्टी कर दी गई।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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