
रायपुर न्यूज धमाका – चालू खरीफ सीजन में देशभर में DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की आयातित आपूर्ति बाधित होने के बीच, छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की चिंता को भांपते हुए वैकल्पिक उर्वरकों की समुचित व्यवस्था कर ली है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भरोसा दिलाया है कि राज्य के किसान DAP की जगह NPK और SSP जैसे उर्वरकों का प्रयोग कर बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं।
DAP की जगह अब NPK और SSP देंगे संजीवनी
राज्य सरकार ने DAP की आपूर्ति में कमी को देखते हुए तत्काल NPK (20:20:0:13 व 12:32:16) और SSP (सिंगल सुपर फॉस्फेट) के वितरण लक्ष्य में कुल 4.90 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि की है। इसके साथ ही DAP के लक्ष्य को घटाकर 1.03 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।
इस संशोधन के बाद कुल उर्वरक वितरण लक्ष्य बढ़कर 17.18 लाख मीट्रिक टन हो गया है, जो पहले 14.62 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया था।
संशोधित वितरण लक्ष्य – खरीफ 2025
| उर्वरक प्रकार | पुराना लक्ष्य (लाख MT) | नया लक्ष्य (लाख MT) |
|---|---|---|
| DAP | 3.10 | 1.03 |
| NPK | 1.80 | 4.90 |
| SSP | 2.00 | 3.53 |
| Urea | 7.12 | 7.12 (यथावत) |
| MOP | 0.60 | 0.60 (यथावत) |
| कुल | 14.62 | 17.18 |
कृषि वैज्ञानिकों की सलाह: उत्पादन में नहीं आएगी कमी
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक, DAP में मौजूद 23 किलो फॉस्फोरस और 9 किलो नाइट्रोजन को SSP और यूरिया के संयोजन से पूर्ण किया जा सकता है। एक बोरी DAP के बदले 3 बोरी SSP और 1 बोरी यूरिया का प्रयोग करने से फसल को पर्याप्त पोषण मिलेगा।
SSP से जड़ों का विकास, मिट्टी में सल्फर की पूर्ति और पौधों की वृद्धि को बल मिलता है। इसके अलावा किसानों को जैविक उर्वरकों के उपयोग की भी सलाह दी गई है।
अब तक का वितरण और उपलब्धता
- कुल भंडारित उर्वरक (अब तक): 12.13 लाख मीट्रिक टन
- किसानों को वितरित: 7.29 लाख मीट्रिक टन
- वर्तमान उपलब्ध स्टॉक: 4.84 लाख मीट्रिक टन (सहकारी + निजी क्षेत्र)
सरकार की निगरानी और प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट किया है कि खाद-बीज वितरण पर निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि किसानों को उनकी मांग के अनुसार सोसायटियों से तुरंत खाद मिले। साथ ही कहा गया कि किसानों की समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
