
बिलासपुर,न्यूज़ धमाका :-बंद ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ कराने का लेकर सत्ताधारी दल द्वारा रेलवे प्रशासन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुस्र्वार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को सात दिनों की मोहलत देते हुए ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ कराने कहा है। मोहलत खत्म होने के बाद भी ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ नहीं हुआ तो उन स्टेशनों में जहां ट्रेनें स्र्का करती थी हल्ला बोलेंगे।
इसके बाद भी ट्रेनों का परिचालन प्रारंभ नहीं हुआ तो जोन कार्यालय का घेराव करेंगे। फिर भी बात नहीं बनी तब रेल रोक आंदोलन करेंगे।जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी कांग्रेस भवन में अपने ब्लाक अध्यक्षों के पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। बातचीत के दौरान उन्होंने रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के बहाने रेलवे ने उन ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया है जो ग्रामीण आजीविका का सबसे बड़ा जरिया हुआ करता था।
दूध से लेकर सब्जी उत्पादक किसान छोटे स्टेशनों से शहर आते थे। दूध व सब्जी सहित अन्य उत्पाद बेचकर वापस ट्रेन के जरिए अपना घर पहुंच जाया करते थे। रेलवे ने आजीविका के सबसे बड़ा जरिए छीन लिया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ट्रेनों के परिचालन के लिए सभी छोटे स्टेशनों पर कांग्रेस के पदाधिकारी व संबंधित गांव के ग्रामीणों की मौजूदगी में स्टेशन मास्टर को जीएम के नाम ज्ञापन सौपेंगे। सात दिन की मोहलत देंगे। इसके बाद भी बात नहीं बनी तो रेल रोको आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन की होगी।
विजय ने कहा कि भारतीय रेल्वे के द्वारा कोरोना संक्रमण की आड़ में बहुत सारी जनसुविधाएं या तो कम कर दी गई थी या फिर उन्हें बंद कर दिया गया था। परंतु अभी हाल में सभी यात्री गाड़ियों को सामान्य रूप से चलाने के निर्णय के साथ-साथ जन विरोधी फैसला रेल मंत्रालय ने किया है।
जिसके तहत विभिन्न् यात्री ट्रेनों के चार हजार से अधिक स्टापेज बिना किसी कारण समाप्त कर दिया गया है। इन ट्रेनों में बिलासपुर और पेंड्रारोड के बीच करगीरोड, बेलगहना आदि कई स्टेशनों पर खड़ी होती थी। ट्रेनों के द्वारा गांवों और छोटे कस्बो से शहरों को फल, सब्जी, दुध आदि की आपूर्ति होती है।
ऐसे स्टेशनों का स्टापेज खत्म किये जाने के कारण सड़क मार्ग के जरिए शहर आना पड़ रहा है। इससे आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है। विजय केशरवानी ने कहा कि यह संविधान के अनुछेद 19 (एफ) (डी) के भी उल्लंघन है।
