
बिलासपुर न्यूज धमाका – बिलासपुर में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। शादी से महज एक माह पहले उसकी अर्थी उठ गई। मृतक की पहचान सिद्धार्थ पांडेय के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि पूर्व पार्षद के पति पूर्णानंद चंद्रा द्वारा की गई मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के कारण सिद्धार्थ की जान गई।
दिन में झगड़ा, रात में मौत
मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, 8 अक्टूबर की रात सिद्धार्थ और पूर्णानंद चंद्रा के बीच विवाद हुआ। बताया जा रहा है कि उसी दौरान दोनों के बीच मारपीट भी हुई।
सिद्धार्थ ने घटना की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उसी रात घर लौटने के बाद सिद्धार्थ को अचानक सीने में तेज दर्द हुआ। परिवार वाले तुरंत उसे अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम में हार्ट अटैक की पुष्टि, परिजनों का आरोप – ‘तनाव और मारपीट से गई जान’
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। हालांकि परिवार का कहना है कि मारपीट और तनाव के चलते ही सिद्धार्थ का दिल जवाब दे गया।
परिजनों का आरोप है कि पूर्व पार्षद पति के राजनीतिक रसूख के कारण पुलिस ने पहले शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। अब परिजन न्याय की मांग करते हुए सख्त कार्रवाई की गुहार लगा रहे हैं।
जमीन और पैसों को लेकर पुराना विवाद
शहर में चर्चा है कि सिद्धार्थ और पूर्णानंद चंद्रा के बीच जमीन और पैसों के लेनदेन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले सिद्धार्थ ने लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि पूर्णानंद ने उसे गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी थी।
पुलिस ने शुरू की जांच
सरकंडा थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल साक्ष्य और पूर्व शिकायतों के आधार पर जांच की जा रही है।
फिलहाल मृतक के परिवार और आरोपी पक्ष दोनों से बयान लिए जा रहे हैं।
(संपादक की टिप्पणी):
यह घटना न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि क्या प्रशासनिक और पुलिस तंत्र आम नागरिकों की सुरक्षा में नाकाम हो रहा है? अगर पहले की शिकायत पर कार्रवाई होती, तो शायद आज सिद्धार्थ ज़िंदा होता।
