
छत्तीसगढ़ के देवाडांड़ में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव शनिवार को उस समय विवाद का कारण बन गया जब एक महिला जनप्रतिनिधि ने मंच से सार्वजनिक रूप से भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए। बात इतनी बढ़ गई कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर निकल गए।
मंच से गूंजा विरोध, मंत्री नाराज़
हायर सेकेंडरी स्कूल देवाडांड़ में शाला प्रवेश उत्सव के मंच पर उपस्थित जिला पंचायत सदस्य ममता सिंह ने आयोजकों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि आमंत्रण पत्र में उनका नाम जानबूझकर शामिल नहीं किया गया। उन्होंने इसे आदिवासी महिला और कांग्रेस से जुड़े जनप्रतिनिधियों के साथ सुनियोजित अपमान करार दिया।
“हमारे जैसे निर्वाचित प्रतिनिधियों को नज़रअंदाज़ करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा,” – ममता सिंह
महिला जनप्रतिनिधि की इस कड़ी आपत्ति से मंच का माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस पर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने नाराज़गी जताते हुए कार्यक्रम बीच में ही छोड़ दिया और बिना कोई बयान दिए वहां से रवाना हो गए।
कांग्रेस का प्रशासन पर हमला
घटना के बाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता सिंह, जो एक आदिवासी महिला, पूर्व सैनिक की पत्नी और शिक्षक की बहू हैं, उनका आमंत्रण पत्र में नाम न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर कांग्रेस से जुड़े प्रतिनिधियों को कार्यक्रमों से दूर रख रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा बीजेपी के दबाव में किया जा रहा है, जो लोकतंत्र के खिलाफ है।
“आगे अगर हमारे प्रतिनिधियों को नजरअंदाज किया गया, तो हम ऐसे कार्यक्रम नहीं होने देंगे।” – कांग्रेस की चेतावनी
मामले ने पकड़ा सियासी तूल
इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। जहां एक तरफ प्रशासन ने अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इसे लोकतांत्रिक गरिमा के खिलाफ बता रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है।
