रायपुरछत्तीसगढ

जीएसटी को सरल बनाने के लिए कैट के प्रतिनिधिमंडल ने आज सीबीआईसी के अध्यक्ष से की मुलाकात

संवाददाता :- सागर बत्रा रायपुर
रायपुर,न्यूज़ धमाका:- कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी, कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव महामंत्री सुरिन्द्रर सिंह ने बताया कि जीएसटी अधिनियम और नियमों से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दे जिन्होंने जीएसटी कराधान प्रणाली को काफी जटिल बना दिया है को लेकर कन्फ़ेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के एक प्रतिनिधिमंडल आज केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष विवेक जौहरी से मुलाकात की और जीएसटी पर एक व्यापक ज्ञापन सौंपते हुए पीएम नरेंद्र मोदी के व्यापार करने में आसानी के उद्देश्य के अनुसरण में देश में जीएसटी कर ढांचे को सुव्यवस्थित करने का आह्वान किया

कैट के प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय महासचिव राष्ट्रीय मंत्री कैट की जीएसटी कमेटी की अध्यक्ष कैट कार्यालय सचिव सहित अन्य लोग उपस्थित थे बैठक में सदस्य जीएसटी और अन्य भी उपस्थित थे विवेक जौहरी ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों की सराहना की और कहा कि सरकार जीएसटी व्यवस्था के तहत व्यापार करने में आसानी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है हालांकि कर चोरों के साथ कोई सहानुभूति नहीं होगी उन्होंने कैट के माध्यम से व्यापारियों से जीएसटी के तहत समय पर अनुपालन का पालन करने की अपील की और समय समय पर व्यापारियों की वास्तविक समस्याओं का समाधान भी करने का आश्वासन दिया कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर पारवानी एवं प्रदेश अध्यक्ष जितेन्द्र दोशी ने बताया कि जीएसटी के मुद्दों पर चर्चा करते हुए कैट ने कहा कि देश भर में करदाताओं की संख्या बढ़ाने की व्यापक गुंजाइश है लेकिन इसके लिए जीएसटी कराधान प्रणाली को युक्तिसंगत और सरल बनाने की आवश्यकता है

देश भर के व्यापारिक संगठन कर के दायरे को बढ़ाने के लिए सरकार के साथ हाथ मिलाने को इच्छुक हैं और इस तरह केंद्र और राज्य दोनों सरकारे अधिक राजस्व प्राप्त कर सकते है उन्होंने सुझाव दिया कि जीएसटी के कार्यान्वयन की निगरानी और व्यापारियों की शिकायतों के त्वरित निवारण के लिए, प्रत्येक जिले में कर अधिकारियों और व्यापार प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए संयुक्त जीएसटी समिति बनाना उचित होगा कैट ने आगे कहा कि जीएसटी को लागू हुए अब लगभग 5 वर्ष हो चुके हैं और सरकार और करदाताओं दोनों ने जीएसटी कर प्रणाली के लाभ और खामियों का अनुभव किया है यह उचित होगा यदि जीएसटी परिषद इसे सबसे स्वीकार्य कर प्रणाली बनाने के लिए हितधारकों के परामर्श से अधिनियम और क़ानून एवं नियमों की नए सिरे से समीक्षा करे पारवानी एवं दोशी ने बताया कि कैट ने जीएसटी के कुछ प्रमुख और महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान दिलाते  हुए कहा कि अभी तक न तो केंद्र स्तर पर कोई अपीलीय न्यायाधिकरण का गठन नहीं किया गया है जिसके परिणामस्वरूप व्यापारियों को इस हद तक असुविधा हुई है कि किसी पर भी एक छोटी सी गलती या चूक  के लिए भी व्यापारियों को कानूनी सहारा लेना पड़ता है जो महंगा और समय लेने वाला भी है इसी तरह एक राष्ट्रीय अग्रिम शासन प्राधिकरण की अनुपस्थिति में, एक ही वस्तु पर अलग-अलग कर दरें लगाई जा रही हैं जिससे जीएसटी की भावना विकृत हो रही है इसलिए इन दोनों प्राधिकरणों का जल्द से जल्द गठन किया जाना चाहिए पंजीकरण रद्द करना और बैंक खाते की अस्थायी कुर्की मनमानी है और इसे रोका जाना चाहिए। चालान की तिथि कर के भुगतान का दस्तावेज होना चाहिए न कि फॉर्म जीएसटीआर-3बी टैक्स न मिलने और न चुकाने पर देर से टैक्स चुकाने पर ब्याज की दर 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत की जाए.फॉर्म जीएसटीआर-3बी, जीएसटीआर-1, जीएसटीआर-9, जीएसटीआर-9सी आदि में जहां कहीं भी यह वाक्यांश “गैर-जीएसटी आपूर्ति“ अंकित है उसे  “गैर-कर योग्य आपूर्ति“ से बदला जाए “उक्त नोटिस के संबंध में सभी कार्यवाही सीजीएसटी अधिनियम की धारा 74 की उप-धारा (8) और (11) से निष्कर्ष निकाला गया माना जाएगा पारवानी एवं दोशी ने कहा कि कैट ने एक हजार रुपये से कम की लागत वाले टेक्सटाइल और फुटवियर पर 5 प्रतिशत टैक्स और ऑटो स्पेयर पार्ट्स और पेय वस्तुओं सहित अन्य  वस्तुओं पर  28 प्रतिशत टैक्स स्लैब का पुनः वर्गीकरण  पर जोर दिया। कैट ने यह भी कहा कि ब्रांडेड खाद्य उत्पादों पर 5 प्रतिशत कर और गैर-ब्रांडेड खाद्य उत्पादों पर शून्य कर की दर से भ्रम पैदा हो रहा है और इसलिए चूंकि ये वस्तुएं आवश्यक प्रकृति की हैं इसलिए इन्हें शून्य कर या 5 प्रतिशत कर की दर से समान स्लैब में रखा जा सकता है अन्य मदों में आइसक्रीम पर दर में कमी और आइसक्रीम निर्माताओं को कंपोजिशन योजना का लाभ प्रदान करना शामिल है इसके अलावा आम के गूदे पर 5 प्रतिशत के तहत कर लगाने के संबंध में स्पष्टीकरण और बिना तले हुए फ्रायम्स के रेट के संबंध में स्पष्टीकरण अपेक्षित है।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

स्टेट हेेड छत्तीसगढ साधना प्लस न्यूज ( टाटा प्ले 1138 पर ) , चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // जिला उपाध्यक्ष प्रेस क्लब कोंडागांव ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता //

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