
रायपुर न्यूज़ धमाका /// नेशनल हाइवे जाम कर प्रदर्शन करने वाले पुलिस परिवार को रोकने मंगलवार को पुलिस एलर्ट थी। अमलीडीह पुलिस कॉलोनी के 1200 परिवारों को निवास में दिनभर बंद रखा गया। एक भी पुलिस जवान व उनके परिवार को 12 घंटे तक बाहर नहीं निकलने दिया गया।

साथ ही, सभी पुलिस क्वॉटर पर तगड़ी चौकसी थी। यही नहीं, आंदोलन करने के संदेह पर पुलिस तत्काल एक्शन ले रही थी। दिनभर पुलिस परिवार पर अफसरों की नजर बनी रही। इधर, हाइवे जाम कर प्रदर्शन करने वालों की पहचान करने पुलिस सीसीटीवी कैमरे, सोशल मीडिया पर वॉयरल वीडियो को खंगालती रही। पहचान के बाद पुलिस परिवार को गिरफ्तार किया जा सकता है, ताकि आगे पुलिस परिवार अपनी मांग को लेकर आंदोलन की राह पर न जाए।
अमलीडीह पुलिस कॉलोनी में करीब 1200 पुलिसकर्मियों का परिवार रहता है। सुबह करीब 7 बजे 50 से 60 पुलिस जवान काॅलोनी के गेट पर पहुंचे और कॉलाेनी में लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दिया। सुबह सब्जी, दूध समेत अन्य डेली नीड्स का सामान लेने निकलने वाले पुलिसकर्मियों और उनके परिवार को बाहर नहीं निकलने दिया गया। करीब 7 बजे रात तक पुलिसकर्मियों को काॅलोनी में घुसने भी नहीं दिया गया। इसके बाद पुलिस जवानों को वहां से हटा दिया गया।
रायपुर में पुलिस परिवार अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर चुका है, लेकिन उन्हें साप्ताहिक अवकाश नहीं मिल रहा है। कोरोना से पहले साप्ताहिक अवकाश का ट्राॅयल शुरु हुआ था, लेकिन अफसरों ने बल की की कमी बताकर साप्ताहिक अवकाश बंद कर दिया। यही नहीं, उनकी सुविधाएं भी उनके हिसाब से नहीं बढ़ी है। उनके भी आंदोलन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।
पुलिस जवानों की मांग को लेकर पुलिस परिवार के साथ आंदोलन करने वालों पर डीडीनगर पुलिस ने बलवा, महिला पुलिस अफसर से मारपीट और शासकीय कार्य में बांधा का केस दर्ज किया है। इनमें आंदोलन के नेता उज्ज्वल दीवान, नवीन राय, जितेंद्र जायसवाल और संजीव मिश्रा समेत 10 को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब वीडियो के आधार पर और आंदोलनकारियों की पहचान की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक सहायक आरक्षकों के परिवार द्वारा सोमवार को भाठागांव में प्रदर्शन करने के बाद मंगलवार को रायपुर पुलिस परिवार द्वारा आंदोलन में शामिल होने की संभावना बढ़ गई थी। इसके बाद पुलिस ने गंज, विधानसभा, पुलिस लाइंस जैसे तमाम ऐसी कॉलोनियां, जहां पुलिस परिवार अधिक संख्या में रहते हैं, वहां पुलिस बल तैनात कर निगरानी तेज कर दी थी।

