
जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम कड़ेनार में मनरेगा योजना अंतर्गत सहायता शिविर का आयोजन किया गया। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा मार्गदर्शन में अतिसंवेदनशील ग्राम कडेनार में नक्सल गतिविधियों के कारण विकास कार्यों की गति धीमी होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों को रोजगार मूलक कार्यों से जोड़कर विकास कार्यों की गति देने तथा स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने के लिए जॉब कार्ड निर्माण कर मनरेगा द्वारा रोजगार प्रदान करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया।
दूरस्थ गा्रमों से कलेक्टर को मिली थी षिकायतें – इन क्षेत्रों में लगातार मनरेगा श्रमिकों के भुगतान के लिए आ रही दिक्कतों को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर इन क्षेत्रों में बीसी सखियों को भी नियुक्त किया गया है। जिनके द्वारा सभी श्रमिकों को अब नगद भुगतान गांव में ही उपलब्ध कराया जाएगा। इसके द्वारा जिला प्रशासन स्थानीय युवाओं को स्थानीय विकास कार्यों से जोड़कर मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है। षिविर में मिले 13 नये जॉब कार्ड के लिये आवेदन – इस शिविर में जॉब कार्यों के सत्यापन, नवीन खाते खोलने एवं नवीन कार्यों के लिए प्राक्कलन तैयार करने का कार्य किया गया। इस शिविर में 300 से अधिक ग्रामीणों द्वारा हिस्सा लिया गया। जिसमें 297 जॉब कार्डाे के सत्यापन तथा 23 नवीन खाते इंडियन पोस्टल बैंक में खोले गए। इसके अतिरिक्त 20 बैंक खातों को आधार से लिंक किया गया साथ ही 13 नए जॉब कार्ड के लिए आवेदन प्राप्त हुए।
इसलिये कडेनार में लगाया गया षिविर – इस दौरान मनरेगा अंतर्गत मिट्टी मुरूम सड़क कार्य का प्राक्कलन तैयार करने के लिए तकनीकी सहायकों द्वारा तीन कार्यों का निरीक्षण किया गया। कड़ेनार में आयोजित जन समस्या निवारण शिविर में ग्रामीणों द्वारा जॉब कार्ड सत्यापन एवं निर्माण की मांग की गई थी। जिस पर कलेक्टर के निर्देश पर यहां शिविर आयोजित कर सभी कार्य पूरे किये गए

