
11 अगस्त 2026 //
राष्ट्रीयन्यूज़ धमाका – स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। संभावित आतंकी खतरे को देखते हुए पूरी दिल्ली में हाई अलर्ट घोषित किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने रेलवे स्टेशनों, अंतरराज्यीय बस अड्डों, बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में 19 मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों के माध्यम से आम लोगों से अपील की गई है कि यदि इन व्यक्तियों के बारे में कोई जानकारी मिले तो तत्काल नजदीकी पुलिसकर्मी, पुलिस स्टेशन या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को सूचित करें।
पुलिस द्वारा जारी पोस्टरों में प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े कई वांछित आतंकियों के नाम शामिल हैं। इनमें वधावा सिंह बब्बर, पुरुषोत्तम सिंह पम्मा, हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंडा, गुरमीत सिंह बग्गा, भूपेंद्र सिंह भिंडा, रंजीत सिंह उर्फ नीता, अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डल्ला और परमजीत सिंह पम्मा समेत अन्य नाम शामिल बताए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने इन पोस्टरों को रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, बाजारों और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर लगाया है। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि यदि इन वांछित व्यक्तियों के बारे में कोई सूचना मिले तो तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें।
फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से होगी संदिग्धों की पहचान
अधिकारियों के अनुसार, भीड़ में संदिग्ध और वांछित व्यक्तियों की पहचान के लिए दिल्ली पुलिस अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग करेगी। इसके तहत ‘अभिज्ञान’ ऐप और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और वांछित व्यक्तियों पर नजर रखी जाएगी। यह तकनीक सुरक्षा एजेंसियों को भीड़भाड़ वाले इलाकों में त्वरित पहचान और निगरानी में सहायता प्रदान करेगी। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। पुलिस और सुरक्षा बलों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। समारोह की सुरक्षा के लिए दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों, कमांडो इकाइयों और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के करीब 15,000 से 20,000 जवानों की तैनाती की तैयारी की गई है।
पहली बार बड़े स्तर पर होगा ‘अभिज्ञान’ ऐप का इस्तेमाल
इसी कड़ी में पहली बार भीड़ में संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन के लिए ‘अभिज्ञान’ ऐप का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यह ऐप पुलिस को मौके पर ही किसी व्यक्ति की पहचान और उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जांच करने में सक्षम बनाता है। ऐप में एक करोड़ से अधिक अपराधियों का डेटाबेस मौजूद है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों को त्वरित सत्यापन में मदद मिलती है। पुलिसकर्मियों को विशेष हैंडहेल्ड उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिनकी सहायता से वे रैंडम आधार पर चुने गए व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट स्कैन कर सकते हैं। स्कैन किए गए फिंगरप्रिंट को कुछ ही सेकंड में केंद्रीय डेटाबेस से मिलाया जाता है।
सिस्टम में यदि लाल संकेत (रेड अलर्ट) दिखाई देता है, तो इसका अर्थ होता है कि संबंधित व्यक्ति का कोई आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है। ऐसी स्थिति में उसकी पहचान और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी तुरंत स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाती है, जिससे पुलिस आगे की जांच कर सकती है। वहीं हरा संकेत (ग्रीन अलर्ट) मिलने का मतलब है कि डेटाबेस में उस व्यक्ति के खिलाफ कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। दिल्ली पुलिस का मानना है कि ‘अभिज्ञान’ ऐप और फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) जैसी तकनीकों के संयुक्त उपयोग से भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संदिग्धों और वांछित अपराधियों की पहचान अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
1,000 CCTV कैमरों का जाल, हाई-टेक कंट्रोल रूम से होगी 24 घंटे निगरानी
स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। ऐतिहासिक लाल किला और उसके आसपास के क्षेत्रों की निगरानी के लिए लगभग 1,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें अत्याधुनिक फेशियल रिकग्निशन सिस्टम से लैस कैमरे भी शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन कैमरों के जरिए समारोह स्थल और आसपास के संवेदनशील इलाकों की हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां भीड़ में संदिग्ध व्यक्तियों, वांछित अपराधियों और किसी भी असामान्य गतिविधि की पहचान के लिए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली का उपयोग कर रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए लाल किले के भीतर एक हाई-टेक सीसीटीवी कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। इस नियंत्रण कक्ष में पुलिसकर्मियों और तकनीकी विशेषज्ञों की विशेष टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी, जो कैमरों से प्राप्त लाइव फुटेज की निगरानी करेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
लाल किले के आसपास एंटी-ड्रोन सिस्टम और स्नाइपर्स तैनात
अधिकारियों के अनुसार, निगरानी नेटवर्क को इस तरह तैयार किया गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता लगाया जा सके। सुरक्षा व्यवस्था के तहत महत्वपूर्ण और ऊंचे स्थानों पर प्रशिक्षित स्नाइपर्स तैनात किए जाएंगे, जो किसी भी संभावित खतरे की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहेंगे। इसके अलावा, अनधिकृत हवाई गतिविधियों और ड्रोन से उत्पन्न होने वाले खतरों को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी स्थापित किए गए हैं। ये सिस्टम प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने वाले संदिग्ध ड्रोन का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम हैं।
उत्तरी जिला कंप्यूटर प्रकोष्ठ के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ये सभी व्यवस्थाएं गृह मंत्रालय की ‘स्मार्ट पुलिसिंग’ पहल के तहत की जा रही हैं, ताकि आधुनिक तकनीक और उन्नत निगरानी साधनों की मदद से स्वतंत्रता दिवस समारोह को सुरक्षित बनाया जा सके। इस वर्ष लाल किला पर आयोजित मुख्य समारोह की थीम ‘वंदे मातरम्’ रखी गई है। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर समारोह में विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने 15 अगस्त को लाल किले और उसके आसपास के क्षेत्रों में पतंग उड़ाने पर भी प्रतिबंध लगाया है। अधिकारियों का कहना है कि पतंगों और उनकी डोर से सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा हवाई निगरानी में बाधा उत्पन्न हो सकती है, इसलिए यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है।