बीजापुरछत्तीसगढ

आदिवासियों ने की एडसमेटा-सारकेगुड़ा-सिलगेर के दोषियों पर कार्रवाई, मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की मांग

बीजापुर न्यूज़ /// जिले के एडसमेटा में 4 नाबालिग समेत 8 ग्रामीणों की मौत हुई थी. जिसकी जस्टिस वीके अग्रवाल कमेटी ने न्यायिक जांच कर अपना फैसला सुनाया कि मारे गए लोग नक्सली नहीं थे. पूरे 8 लोग आम ग्रामीण थे. 17 मई 2013 को बीज त्यौहार मना रहे थे. पुलिस जवानों की गलत धारणा और घबराहट के चलते यह घटना घटित हुई है. न्यायिक जांच रिपोर्ट के अनुसार पूरी मुठभेड़ फर्जी थी. इस फर्जी मुठभेड़ के दोषियों पर कार्रवाई हो  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के एडसमेटा एनकाउंटर की न्यायिक जांच रिपोर्ट पर फैसला आ चुका है. इसी फैसले के बाद सारकेगुड़ा, सिलगेर और बस्तर में हो रहे नरसंहार के विरोध में बड़ी संख्या में इकठ्ठा हुए आदिवासी दो दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. आदिवासी की मांग है कि दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित परिजनों को 1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख मुआवजा दिया जाए  बीजापुर के एडसमेटा में 17 मई 2013 को जवानों की गोलीबारी में 8 ग्रामीण मारे गए थे. न्यायिक जांच रिपोर्ट के अनुसार पूरे मुठभेड़ को फर्जी बताया गया है. मूलवासी बचाओ मंच के बैनर तले 3 जिले सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा के करीब 5 हजार ग्रामीण इकट्ठा हो गए हैं. बस्तर संभाग जेल बंदी रिहाई समिति ने भी मूलनिवासी बचाओ मंच को अपना समर्थन दिया है. आदिवासी समाज सेविका सोनी सोरी भी मौजूद है

ये है प्रमुख मांगे

  • एडसमेटा के साथ-साथ सारकेगुड़ा और सिलगेर के दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
  • पीड़ित परिजनों को सरकारी मुआवजा 1 करोड़ और घायलों को 50-50 लाख रुपए दिया जाना चाहिए.
  • बस्तर में पूर्व हुए नरसंहार को न्याय दिया जाए.
  • इस तरह के नरसंहार पर तत्काल रोक लगाई जाए.
  • दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई कर फांसी की सजा दी जाए.
  • बस्तर के सभी वर्गों के आम नागरिकों को नक्सलियों के नाम पर परेशान करना बंद करें.
  • सरकार खुले मंच पर वार्ता करें और जनता के साथ न्याय करें

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!