
बलरामपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत कार्यालय में बड़ा पीएफ घोटाला सामने आया है। कंप्यूटर ऑपरेटर और लेखापाल की मिलीभगत से 83 कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड खातों से करीब 12 लाख रुपए गबन किए गए।
जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) निजामुद्दीन खान की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे हुआ घोटाला?
पुलिस जांच में सामने आया कि लेखापाल और कंप्यूटर ऑपरेटर ने आपसी साठगांठ कर पीएफ की रकम कर्मचारियों के खातों में ट्रांसफर करने की बजाय ऑपरेटर की पत्नी के निजी खाते में डाल दी।
गबन की गई राशि का उपयोग आरोपियों ने ऑनलाइन मार्केटिंग और ट्रेडिंग में किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल था या नहीं।
83 कर्मचारियों की मेहनत की कमाई लूटी
जनपद कार्यालय के 83 कर्मचारियों के वेतन से नियमित रूप से काटे गए पीएफ अंशदान को नियमानुसार उनके खातों में जमा नहीं किया गया, बल्कि निजी लाभ के लिए इस्तेमाल कर लिया गया।
पुलिस जांच जारी
पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और साथ ही उस पैसे की रिकवरी की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इस मामले में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं यदि और लोगों की संलिप्तता पाई जाती है।
“यह घोटाला कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा पर हमला है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
– निजामुद्दीन खान, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वाड्रफनगर जनपद पंचायत
आगे क्या?
- पीएफ खातों की समीक्षा और ऑडिट की प्रक्रिया तेज़ की गई है।
- कर्मचारियों को उनकी गबन की गई राशि वापस दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- पूरे जिले में अन्य कार्यालयों की वित्तीय जांच की भी संभावना जताई जा रही है।



