
रायगढ़ न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस द्वारा आयोजित आर्थिक नाकेबंदी को लेकर राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस में जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन भूपेश बघेल द्वारा अपने बेटे को बचाने और उनके राजनीतिक करियर को चमकाने की राजनीतिक नौटंकी है।
“कांग्रेस झोंक रही पूरी ताकत भ्रष्टाचार छुपाने में”
प्रेस कांफ्रेंस में मंत्री ओपी चौधरी ने कहा,
“भूपेश बघेल अपने परिवार को बचाने के लिए पूरी कांग्रेस पार्टी को मैदान में उतार चुके हैं। भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए ये पूरा आयोजन किया जा रहा है।”
उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी का मूल चरित्र बन चुका है, जिसे छत्तीसगढ़ की जनता अब भलीभांति समझ चुकी है।
गारे पेलमा-2 कोल ब्लॉक को लेकर कांग्रेस से सवाल
मंत्री चौधरी ने कांग्रेस से कई सवाल पूछे:
- क्या 16 अक्टूबर 2019 को भूपेश सरकार में गारे पेलमा-2 की पर्यावरणीय जनसुनवाई नहीं कराई गई थी?
- क्या 31 मार्च 2021 को पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश नहीं की गई थी?
- क्या 19 अप्रैल 2022 और 23 जनवरी 2023 को फॉरेस्ट क्लीयरेंस की सिफारिश कांग्रेस सरकार ने नहीं की थी?
उन्होंने यह भी पूछा कि जब महा जैंको ने एमडीओ के रूप में अदानी समूह को नियुक्त किया, उस समय महाराष्ट्र में कांग्रेस समर्थित सरकार क्यों चुप थी?
“मुद्दों से ध्यान भटका रही कांग्रेस”
ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाते हुए कहा,
“जब सवाल विकास, पारदर्शिता और जवाबदेही पर होते हैं, तब कांग्रेस अनर्गल आरोपों के जरिए असली मुद्दों से जनता को भटकाने की कोशिश करती है।”
उन्होंने यह भी कहा कि रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र में डीएमएफ और सीएसआर फंड के अधिक खर्च को लेकर जो चर्चाएं हैं, वे विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।
“कम विकास या ज्यादा विकास – बहस अब दिशा सही”
मंत्री ने कहा कि अगर अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि “कितना विकास हुआ”, तो यह राजनीति का सकारात्मक पक्ष है। उन्होंने कहा,
“मैं पूरे प्रदेश और अपने क्षेत्र के लिए समर्पित होकर काम कर रहा हूं। जनता को विकास के असली मायने समझाने का प्रयास कर रहा हूं।”
राजनीतिक तापमान बढ़ा:
ईडी कार्रवाई, कोल ब्लॉक नीति और अब आर्थिक नाकेबंदी को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर तूफानी बयानबाजी शुरू हो गई है। अब देखना होगा कि कांग्रेस इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।



