छतीसगढ़भानुप्रतापपुर

अंधविश्वास बना जानलेवा: पोते ने ब्लेड से रेत दिया दादा का गला, मौके पर हुई मौत

भानुप्रतापपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से एक रौंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां अंधविश्वास के चलते एक युवक ने अपने ही दादा की गला रेतकर हत्या कर दी। यह सनसनीखेज वारदात भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के भैंसमुंडी गांव की है, जहां एक पोते ने झूठे शक और काले जादू के भ्रम में ये खौफनाक कदम उठा लिया।


ब्लेड से गला रेतकर की हत्या, आरोपी पोता गिरफ्तार

मृतक की पहचान श्यामलाल के रूप में हुई है, जबकि आरोपी पोते का नाम कने सिंग कांगे है। पुलिस के अनुसार, कने सिंग को यह भ्रम हो गया था कि उसके दादा श्यामलाल उस पर टोना-टोटका कर रहे हैं, जिससे उसकी तबीयत और किस्मत बिगड़ रही है।

इसी अंधविश्वास के चलते कने सिंग ने घर में ही अपने दादा पर हमला कर दिया और ब्लेड से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। मौके पर ही श्यामलाल की मौत हो गई।


गांव में सनसनी, पुलिस जांच में जुटी

हत्या के बाद गांव में आतंक और सनसनी का माहौल फैल गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद भानुप्रतापपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ धारा 302 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और घटना की हर कोण से जांच की जा रही है।


अंधविश्वास बना अपराध का कारण

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि अशिक्षा और अंधविश्वास कैसे एक व्यक्ति को हिंसक बना सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण इलाकों में जागरूकता और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है, ताकि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


🕯️ सवाल उठता है:

जब अपने ही घर में कोई अपनों की जान अंधविश्वास के नाम पर ले सकता है, तो समाज को अंधभक्ति से मुक्त करने की जिम्मेदारी किसकी है?

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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