
06 अगस्त 2026 //
केशकाल न्यूज़ धमाका – की होनहार खिलाड़ी मुक्ति डडसेना का राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ है। वे भुवनेश्वर जोन का प्रतिनिधित्व करते हुए असम में अपना दम दिखाएंगी
कोंडागांव जिले के केशकाल की होनहार बेटी मुक्ति डडसेना ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए चयनित होकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उनका चयन नवोदय विद्यालय संगठन की ओर से आयोजित राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए भुवनेश्वर जोन से हुआ है। इस उपलब्धि से पूरे केशकाल और कोंडागांव जिले में खुशी का माहौल है।
मुक्ति डडसेना वर्तमान में जवाहर नवोदय विद्यालय, बोरई (दुर्ग) में कक्षा 11वीं (गणित संकाय) की छात्रा हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारियों के तहत उनका 13 अगस्त से ओडिशा में 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा, जिसमें भुवनेश्वर जोन के चयनित खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। प्रशिक्षण के बाद 25 अगस्त से असम में आयोजित राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में वे भुवनेश्वर जोन का प्रतिनिधित्व करेंगी। मुक्ति इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे चुकी हैं।
कई प्रतियोगिताओं में ले चुकी है हिस्सा
उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय, द्वारिका (गुजरात) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में अंबाला में शानदार प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया था। लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित होना उनकी मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। मूल रूप से केशकाल की रहने वाली मुक्ति ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, कोंडागांव से प्राप्त की है। वर्तमान में वे बोरई (दुर्ग) स्थित नवोदय विद्यालय में अध्ययनरत हैं और पढ़ाई के साथ-साथ बैडमिंटन में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
शहरवासियों ने दी शुभकामनाएं
मुक्ति मनोज कुमार डडसेना और अंजू डडसेना की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि पर क्षेत्र के नागरिकों, शिक्षकों, खेल प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने विश्वास जताया कि वे असम में आयोजित प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और भुवनेश्वर जोन का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगी।
ग्रामीण अंचल के युवाओं और खेल प्रतिभाओं के लिए बनी प्रेरणास्रोत
मुक्ति डडसेना की यह सफलता ग्रामीण अंचल के युवाओं और खेल प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। उन्होंने साबित कर दिया है कि लगन, मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर छोटे शहरों और गांवों की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना सकती हैं।



