
सरगुजा न्यूज धमाका – जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर से संजीवनी 108 एंबुलेंस चोरी होने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यह घटना मणिपुर थाना क्षेत्र की है और इससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आश्चर्यजनक बात यह है कि अस्पताल परिसर में 60 सुरक्षाकर्मी तैनात होने के बावजूद न तो अस्पताल प्रशासन को घटना की जानकारी हुई और न ही 108 एंबुलेंस संचालनकर्ता कंपनी को इसकी भनक लगी।
कई दिनों से खड़ी थी खराब एंबुलेंस
चोरी हुई एंबुलेंस (क्रमांक CG 02-6563) अस्पताल परिसर स्थित नकीपुरिया वार्ड के पास कई दिनों से खड़ी थी। सीडीओ कंपनी के मुताबिक वाहन का स्टेयरिंग जाम हो गया था, जिस वजह से उसे अस्थायी रूप से बंद कर वहीं छोड़ दिया गया था।
एंबुलेंस संचालनकर्ता कंपनी ने मणिपुर थाना में इसकी चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। अब पुलिस घटना की जांच में जुट गई है।
भर्ती प्रक्रिया में व्यस्त था स्टाफ, तभी हुई चोरी
सीडीओ कंपनी के सरगुजा प्रभारी डीएम संदीप यादव ने बताया कि 13 से 16 जुलाई तक पीजी कॉलेज मैदान में ईएमटी और पायलट की भर्ती के लिए शिविर चल रहा था। इसी दौरान एंबुलेंस चोरी हो गई। 17 जुलाई को जब वाहन को वापस संचालन में लाने की योजना बनी, तब पता चला कि वह परिसर से गायब है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
अस्पताल प्रबंधन हर माह लगभग 7 लाख रुपये सुरक्षा पर खर्च करता है। प्रबंधन और संचालनकर्ता कंपनी के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्पष्ट अनुबंध भी है, जिसके तहत 60 सुरक्षाकर्मी शिफ्टों में ड्यूटी करते हैं। बावजूद इसके न सिर्फ एंबुलेंस चोरी हो गई, बल्कि यह भी साफ है कि सुरक्षा गार्डों को इस पर कोई संदेह तक नहीं हुआ।
इससे पहले भी अस्पताल परिसर से बाइक चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन अब एंबुलेंस जैसे बड़े वाहन की चोरी ने सुरक्षा इंतजामों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच, खंगाले जा रहे CCTV फुटेज
सरगुजा एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लो ने बताया कि मणिपुर थाने में FIR दर्ज कर ली गई है और मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच की जा रही है। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि चोरों का कोई सुराग मिल सके।
प्रशासन की लापरवाही या सुनियोजित साजिश?
फिलहाल यह साफ नहीं है कि यह घटना महज लापरवाही का नतीजा है या किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा। इतने बड़े परिसर से बिना किसी रुकावट के एंबुलेंस को बाहर निकालना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।



