
बेमेतरा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के दाढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम छिरहा में उस वक्त शोक की लहर दौड़ गई, जब दो दिन से लापता युवक की लाश नदी में बरामद हुई। मृतक की पहचान प्रकाश निषाद के रूप में हुई है, जो मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है।
घटना का विवरण:
मिली जानकारी के अनुसार, प्रकाश निषाद दो दिन पहले नहाने के लिए नदी गया था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था।
लगातार दो दिनों की तलाश के बाद रविवार सुबह युवक का शव नदी में मिला। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्राथमिक जांच में डूबने से मौत की आशंका जताई जा रही है।
मानसिक स्थिति थी कमजोर:
परिजनों के अनुसार, प्रकाश निषाद मानसिक रूप से अस्वस्थ था और कभी-कभी बिना बताए घर से बाहर निकल जाया करता था। हादसे के दिन भी वह अकेले ही नदी की ओर चला गया था।
नदियों में बढ़ रहा है खतरा:
राज्य के कई हिस्सों में इन दिनों लगातार बारिश हो रही है, जिससे नदियों और नालों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सावधानी बरतने की जरूरत है, विशेषकर कमजोर मानसिक या बुजुर्ग लोगों को ऐसे स्थानों पर अकेले जाने से रोकने की अपील प्रशासन ने की है।
सरगुजा में भी बुजुर्ग फंसा, ग्रामीणों ने बचाया:
इसी बीच सरगुजा जिले के ग्राम लोटा भावना में 55 वर्षीय बुजुर्ग निरतुराम मझवार घुँघुट्टा नदी पार करते समय अचानक आए बाढ़ के कारण बीच नदी में फंस गया। ग्रामीण रतुराम ने हिम्मत दिखाते हुए अन्य ग्रामीणों की मदद से बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाला।
पार करने पड़ते हैं नदी नाले:
गौरतलब है कि मैनपाट ब्लॉक के अंतिम छोर में बसे लोटा भावना और भाटाकोना जैसे ग्रामीण हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करते हैं ताकि जरूरी सामान खरीदने बतौली बाजार पहुंच सकें। अभी तक पुल का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे बारिश के दिनों में ग्रामीणों को जान का खतरा बना रहता है।
निष्कर्ष:
प्रकाश निषाद की मौत जहां मानव संवेदना को झकझोरती है, वहीं निरतुराम जैसे बुजुर्ग की घटना ग्रामीण जीवन की असल सच्चाई सामने लाती है। अब समय आ गया है कि प्रशासन नदी पार करने के सुरक्षित विकल्प पर गंभीरता से विचार करे।
