
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर उफान पर है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस गिरफ्तारी को कांग्रेस ने “राजनीतिक प्रतिशोध” करार देते हुए 19 जुलाई को पूरे प्रदेश में ED के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन करने की घोषणा की है।
क्या है पूरा मामला?
शुक्रवार सुबह 6 बजे ED की टीम ने भिलाई स्थित भूपेश बघेल के आवास पर दबिश दी। यह कार्रवाई कथित शराब घोटाले से जुड़ी बताई जा रही है। ईडी की टीम ने चैतन्य बघेल को हिरासत में लेकर रायपुर की विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां उन्हें 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। अगली पेशी 22 जुलाई, शाम 4 बजे निर्धारित की गई है।
कांग्रेस का बड़ा ऐलान
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने इस कार्रवाई को “लोकतंत्र के खिलाफ साजिश” बताया और कहा:
“यह पूरी तरह से बदले की राजनीति है। भूपेश बघेल और उनके परिवार को डराने की कोशिश की जा रही है। लेकिन हम झुकेंगे नहीं। छत्तीसगढ़ की जनता इस तानाशाही के खिलाफ है।”
कांग्रेस ने सभी जिला मुख्यालयों को निर्देश जारी कर 19 जुलाई (शनिवार) को ईडी और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन व पुतला दहन करने का आह्वान किया है। इस आंदोलन में सांसद, विधायक, पार्षद, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
भूपेश बघेल का पलटवार
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक ट्वीट में लिखा:
“आज विधानसभा का अंतिम दिन था, मैं अदानी के खिलाफ बोलने वाला था, इसलिए मेरे घर पर ईडी भेज दी गई। लोकतंत्र को डराने की कोशिश अब काम नहीं आएगी।”
कांग्रेस का आरोप – सत्ता का दुरुपयोग
कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी नेताओं और उनके परिजनों को निशाना बना रही है। दीपक बैज ने कहा कि यह गिरफ्तारी ना सिर्फ राजनीति से प्रेरित है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की जनता का भी अपमान है।
क्या होगा 19 जुलाई को?
- ED के खिलाफ प्रदर्शन
- पुतला दहन कार्यक्रम सभी जिलों में
- कांग्रेस नेतृत्व के आह्वान पर पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे
- जनता को जोड़ने की रणनीति भी अपनाई जाएगी
राजनीतिक तापमान में इज़ाफा
चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब राज्य में मानसून सत्र चल रहा है और विपक्ष सत्ता पक्ष को कई मोर्चों पर घेर रहा है। ऐसे में यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील मानी जा रही है।
निष्कर्ष:
ED की कार्रवाई ने छत्तीसगढ़ की राजनीति में नया तूफान ला दिया है। एक ओर जहां कांग्रेस सड़कों पर उतरने की तैयारी में है, वहीं सत्ता पक्ष और जांच एजेंसियां कानून के दायरे में काम करने की बात कर रही हैं। अब सबकी निगाहें 19 जुलाई के कांग्रेस प्रदर्शन और 22 जुलाई की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।




