
दुर्ग न्यूज धमाका – एनएसपीसीएल पुरैना पावर प्लांट में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला मजदूर ने प्लांट के अंदर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान रामेश्वरी साहू (उम्र 54 वर्ष, निवासी डुंडेरा) के रूप में हुई है, जो पिछले 15 वर्षों से मजदूरी कर रही थीं।
घटना स्थल पर जांच में जुटी पुलिस
मामले की सूचना मिलते ही पुरानी भिलाई पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) छावनी हरीश पाटिल ने बताया कि फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है।
कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
पुलिस के अनुसार, मृतका के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं है। पुलिस परिवारजनों, सहकर्मियों और प्लांट अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।
15 वर्षों से कर रही थीं सेवा
रामेश्वरी साहू पिछले डेढ़ दशक से एनएसपीसीएल पावर प्लांट में कार्यरत थीं। उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि सहकर्मियों और प्लांट प्रबंधन में शोक और स्तब्धता का माहौल है।
क्या कहती है पुलिस?
CSP हरीश पाटिल ने कहा:
“प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, लेकिन हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। यह देखना ज़रूरी है कि महिला किसी मानसिक तनाव, कार्यस्थल विवाद या पारिवारिक परेशानी से तो नहीं जूझ रही थी।”
जांच जारी, परिवार से होगी पूछताछ
पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
समाज में उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक स्थलों में श्रमिकों की मानसिक स्थिति और कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में मनोवैज्ञानिक सहायता और समय पर संवाद बेहद जरूरी है।
