
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को महान शिक्षाविद्, राष्ट्रवादी चिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. मुखर्जी के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके राष्ट्र को दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
“डॉ. मुखर्जी का जीवन भारत माता की सेवा को समर्पित था” – मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री साय ने कहा,
“डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन देशभक्ति, निःस्वार्थ सेवा और अखंड भारत की भावना का प्रतीक है। भारत की एकता और संप्रभुता के लिए उनका संघर्ष इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अध्याय की तरह दर्ज है।”
उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी के विचार और आदर्श आज की पीढ़ी को प्रेरणा देने वाले स्तंभ हैं। उनका बलिदान एक सशक्त, आत्मनिर्भर और गौरवशाली भारत के निर्माण की दिशा में हमारे संकल्प को मजबूती प्रदान करता है।
शिक्षा और वैचारिक राजनीति के पुरोधा
मुख्यमंत्री ने डॉ. मुखर्जी को दूरदर्शी राजनेता, प्रखर विचारक और शिक्षाविद् बताया, जिन्होंने न केवल राष्ट्रीय एकता बल्कि शैक्षणिक सुधार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी अहम योगदान दिया।
साय ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने सैद्धांतिक राजनीति और वैचारिक स्पष्टता की नींव रखकर भारतीय लोकतंत्र को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और देश के विकास में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं।
🇮🇳 “हम सब मिलकर करें उनके सपनों के भारत का निर्माण”
मुख्यमंत्री साय ने नागरिकों से आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के आदर्शों और मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करें और एक समृद्ध, स्वाभिमानी और समर्थ भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद भी उपस्थित रहे।
संदेश का सार
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर मुख्यमंत्री साय का श्रद्धासुमन न केवल एक स्मरण है, बल्कि यह एक आह्वान भी है— उस विचारधारा को अपनाने का जो भारत की एकता, संप्रभुता और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च मानती है।