
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे “चावल उत्सव” के तहत अब पात्र कार्डधारकों को तीन महीने का राशन लेने के लिए और समय मिल गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने चावल वितरण की तारीख 31 जुलाई तक बढ़ा दी है। लेकिन राहत की इस घोषणा के बीच एपीएल और बीपीएल कार्डधारकों को अभी भी राशन दुकानों से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
तीन महीने का चावल, लेकिन दुकानों में स्टॉक नहीं
सरकार ने जून, जुलाई और अगस्त महीने का चावल एक साथ बांटने की योजना शुरू की थी। 30 जून को वितरण की अंतिम तारीख थी, लेकिन करीब 8 लाख कार्डधारकों को अब तक चावल नहीं मिल पाया। इस स्थिति को देखते हुए अब 7 जुलाई और फिर 31 जुलाई तक समय सीमा बढ़ाई गई है।
हालांकि ज़मीनी स्थिति यह है कि कई दुकानों में ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड टंग गया है। एपीएल कार्डधारकों को चावल मिल ही नहीं रहा है और बीपीएल कार्डधारकों को भी केवल जून का चावल देकर वापस भेजा जा रहा है।
आंकड़ों की हकीकत और दावा
- राज्य में कुल 81.64 लाख राशन कार्ड धारक
- विभाग का दावा: 90% को चावल वितरित
- हकीकत: करीब 8 लाख लोग अब भी वंचित
- एपीएल कार्डधारकों को सबसे ज़्यादा परेशानी
दुकानदारों का कहना: स्टॉक ही नहीं, कहां से दें?
उचित मूल्य की दुकानों के संचालकों ने विभाग को सूचना दी है कि चावल की आपूर्ति बेहद धीमी है। कई जगह सिर्फ जून का चावल आया, बाक़ी दो महीनों का स्टॉक अभी नहीं पहुंचा। संचालक वॉट्सऐप ग्रुप पर जिला अधिकारियों को चावल भेजने के लिए सूचित कर रहे हैं, लेकिन सप्लाई कब होगी, इसका कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा।
भीड़-भाड़ और परेशानी
30 जून को अंतिम दिन मानकर हजारों हितग्राही दुकानों पर लाइन में लगे रहे। दिनभर अफरा-तफरी रही। दोपहर बाद जैसे ही 31 जुलाई तक समय बढ़ाने की सूचना आई, लोगों और दुकानदारों दोनों ने राहत की सांस ली। लेकिन भीड़ और अव्यवस्था से निपटने का कोई कारगर इंतजाम नहीं दिखा।
ई-केवाईसी पर संकट बरकरार, 29 लाख नाम हो सकते हैं ब्लॉक!
“वन नेशन, वन कार्ड” योजना के तहत सभी राशन कार्डधारकों के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है।
- अंतिम तारीख: 30 जून
- ई-केवाईसी से वंचित: लगभग 29 लाख सदस्य
- स्थिति: नाम सिस्टम से ब्लॉक हो सकते हैं, राशन मिलना बंद!
हालांकि विभाग इस पर चुप्पी साधे है। न तो तारीख बढ़ाई गई है, न ही नाम हटाने को लेकर कोई आधिकारिक आदेश जारी किया गया है।
मुख्य बिंदु संक्षेप में:
- चावल उत्सव की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 जुलाई की गई
- बीपीएल को कुछ राहत, लेकिन एपीएल के लिए स्टॉक लगभग शून्य
- 8 लाख कार्डधारकों को अब भी राशन नहीं मिल पाया
- ई-केवाईसी नहीं कराने वाले 29 लाख लोगों का राशन खतरे में
- राशन दुकानों में अफरा-तफरी, चावल की सप्लाई धीमी
- विभागीय दावे और ज़मीनी हकीकत में बड़ा अंतर
निष्कर्ष:
सरकार की मंशा अच्छी है – तीन महीने का चावल एक साथ देकर बारिश के मौसम में राहत देना, लेकिन प्रशासनिक तैयारी और ज़मीनी हकीकत में बड़ा अंतर नजर आ रहा है। जब तक राशन दुकानों तक नियमित आपूर्ति और ई-केवाईसी की स्पष्ट नीति नहीं आती, तब तक हितग्राहियों की परेशानी और असमंजस जारी रहेगा।




