
रायपुर न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ सरकार ने 30 जून को साय कैबिनेट की विशेष बैठक बुलाई है, जिसमें राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को उनके कार्यकाल की समाप्ति पर सम्मानपूर्वक विदाई दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इसी बैठक के दौरान नए मुख्य सचिव के नाम की घोषणा भी हो सकती है, हालांकि सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई औपचारिक संकेत नहीं दिया है।
विदाई के लिए विशेष तैयारी
अमिताभ जैन का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो रहा है। राज्य सरकार की परंपरा के अनुसार, उन्हें कैबिनेट बैठक में औपचारिक विदाई दी जाएगी। इससे पहले वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की कैबिनेट ने तत्कालीन मुख्य सचिव सुनील कुमार को इसी तरह भावभीनी विदाई दी थी।
नए मुख्य सचिव को लेकर अटकलें तेज
राज्य के अगले मुख्य सचिव को लेकर अटकलों का दौर जारी है। वरिष्ठता सूची के अनुसार संभावित नामों में शामिल हैं:
- रेणु पिल्ले
- सुब्रत साहू
- अमित अग्रवाल (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर)
- ऋचा शर्मा
- निधि छिब्बर (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर)
- विकासशील (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर)
- मनोज पिंगुआ
इनमें से कई अधिकारी या तो दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर हैं या सरकार की प्राथमिकता सूची से बाहर माने जा रहे हैं। चर्चा है कि सुब्रत साहू और मनोज पिंगुआ वर्तमान में रेस में सबसे आगे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अब तक किसी भी नाम को लेकर पुष्टि नहीं की गई है।
दिल्ली के संकेतों पर टिकी निगाहें
प्रशासनिक महकमे के जानकारों का मानना है कि राज्य सरकार दिल्ली से आने वाले निर्देशों का इंतजार कर रही है, ताकि मध्यप्रदेश जैसी स्थिति न बने। वहां मुख्यमंत्री मोहन यादव की पसंद राजेश राजौरा के नाम को दरकिनार कर केंद्र ने अनुराग जैन को भेज दिया था। छत्तीसगढ़ सरकार भी किसी असमंजस से बचने की कोशिश में है।
सरकारी खामोशी, ब्यूरोक्रेसी में सरगर्मी
इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, जिससे ब्यूरोक्रेसी के भीतर कई कयास लग रहे हैं। वरिष्ठता, प्रशासनिक दक्षता और राजनीतिक सामंजस्य जैसे कई कारकों को ध्यान में रखकर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
“मुख्य सचिव अमिताभ जैन का कार्यकाल प्रशासनिक स्थिरता और संतुलित निर्णयों के लिए याद रखा जाएगा।”
— एक वरिष्ठ अधिकारी, मंत्रालय
अब सबकी निगाहें 30 जून की कैबिनेट बैठक पर हैं, जहाँ एक ओर संवेदनशील विदाई का पल होगा, वहीं राज्य के प्रशासनिक नेतृत्व के अगले अध्याय की शुरुआत भी संभव है।



