
बालोद न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। मजदूरी के लिए झारखंड से आए 11 युवकों में से कुछ थकावट के चलते रेलवे पटरी पर ही सो गए थे, लेकिन सुबह लगभग 4 बजे ट्रेन की चपेट में आ जाने से दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा दल्लीराजहरा-कुसुमकसा रेलवे लाइन पर हुआ।
नींद बन गई मौत की वजह
जानकारी के अनुसार, झारखंड के 11 मजदूर दल्लीराजहरा से कुसुमकसा की ओर रेलवे लाइन पर पैदल जा रहे थे। लंबे सफर और थकान के कारण इनमें से पांच युवक रास्ते में रेलवे ट्रैक पर ही बैठ गए और वहीं नींद की झपकी में सो गए। तभी तड़के करीब 4 बजे एक ट्रेन वहां से गुज़री, और चार युवक उसकी चपेट में आ गए।
इस दुर्घटना में दो मजदूरों की मौके पर मौत हो गई, जबकि दो को घायल अवस्था में 108 एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया है। अन्य छह साथी आगे निकल चुके थे और इस हादसे से बाल-बाल बच गए।
मजदूरी की तलाश में आए थे सभी
सभी मृतक और घायल मजदूर झारखंड के निवासी हैं, जो रोज़गार की तलाश में दल्लीराजहरा क्षेत्र में आए थे। घटना दल्लीराजहरा थाना क्षेत्र में हुई है। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है।
प्रशासन की पुष्टि
नगर पुलिस अधीक्षक चित्रा वर्मा ने बताया कि “झारखंड से आए कुल 11 मजदूरों में से कुछ रेलवे ट्रैक पर सो गए थे। ट्रेन की चपेट में आने से दो की मौत हुई है, और दो घायल हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आगे की जांच की जा रही है।”
मानवता पर सवाल, सुरक्षा व्यवस्था पर चिंतन आवश्यक
यह हादसा न केवल एक मानवीय त्रासदी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि गरीब, प्रवासी और असंगठित श्रमिक वर्ग आज भी किन हालात में जीवन यापन कर रहे हैं। यह ज़रूरी हो गया है कि रेलवे ट्रैक के किनारे ऐसे श्रमिकों की आवाजाही को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए और उनके ठहराव व विश्राम के लिए सुरक्षित स्थान सुनिश्चित किए जाएं।



