
महासमुंद न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सायबर अपराध से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने करोड़ों रुपये के संदिग्ध बैंक लेन-देन में शामिल तीन म्यूल खाता धारकों को गिरफ्तार किया है। इन खातों का उपयोग दिल्ली में बैठे साइबर अपराधियों द्वारा किया जा रहा था।
क्या है मामला?
पुलिस को समन्वय पोर्टल से सूचना मिली कि जिले के छह अलग-अलग बैंक खातों में अत्यधिक संदिग्ध और तेज़ गति से करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है। इन खातों में पांच केनरा बैंक और एक बैंक ऑफ बड़ौदा में हैं। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि सभी खाताधारक महासमुंद जिले के निवासी हैं, लेकिन खातों का संचालन दिल्ली से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था।
गिरफ्तार खाताधारक:
- रविंदर चावला (54 वर्ष) – निवासी पंजाबी पारा
- दीपक तिलवानी (35 वर्ष)
- महेश (60 वर्ष) – निवासी गुरुद्वारा रोड
इन तीनों खातों में लाखों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। पूछताछ में सभी ने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं थी। पुलिस ने इन्हें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2), 111 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खाते होते हैं जिनका उपयोग साइबर ठग किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पैसे के अवैध ट्रांजेक्शन के लिए करते हैं। कई बार खाताधारक लालच में आकर अपनी बैंक डिटेल्स किसी और को दे देते हैं, जिससे वे खुद भी कानून के शिकंजे में आ जाते हैं।
पुलिस की अपील:
महासमुंद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि:
- किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल नंबर न दें।
- अवैध लेन-देन में अनजाने में भागीदार बनने से भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- संदेहास्पद गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
जांच जारी
बाकी तीन खातों की जांच अभी जारी है और पुलिस का कहना है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं। यदि दोष सिद्ध हुआ, तो अन्य खाताधारकों पर भी शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।



