
कोरबा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। करतला विकासखंड स्थित शासकीय हाईस्कूल लवेद में पदस्थ व्याख्याता लक्ष्मी नारायण रजवाड़े को फर्जी डिग्रियों के आधार पर नौकरी करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। जांच में पुष्टि हुई कि व्याख्याता ने बीएड और एमए की फर्जी डिग्रियां जमा कर शिक्षक पद हासिल किया था।
मामले का खुलासा तब हुआ जब शिक्षक के खिलाफ फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों से नौकरी करने की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को मिली। इसके बाद शिक्षक द्वारा जमा की गई डिग्रियों की प्रामाणिकता जांच के लिए उन्हें गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर भेजा गया।
जांच में पाया गया कि:
- बीए (2003) की डिग्री विश्वविद्यालय से मान्य है।
- लेकिन एमए (संस्कृत – 2005) और बीएड (2008) की डिग्रियां विश्वविद्यालय से जारी नहीं की गईं, यानी फर्जी हैं।
जांच रिपोर्ट आने के बाद शिक्षक को कई बार नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन वे अनुपस्थित रहे। अंततः 4 अक्टूबर 2024 को अंतिम सुनवाई में उन्हें उपस्थित होकर जवाब देने का अवसर दिया गया। हालांकि प्रस्तुत लिखित उत्तर असंतोषजनक रहा।
फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी पाने के गंभीर आरोप में डीपीआई (डायरेक्टोरेट ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन) ने शिक्षक लक्ष्मी नारायण रजवाड़े को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।
प्रशासनिक सख्ती की मिसाल
यह कार्रवाई शिक्षा विभाग की सतर्कता और पारदर्शिता को दर्शाती है। फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर नौकरी पाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाकर शिक्षा विभाग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी।



