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दो साल के बच्चे ने पकड़ लिया विशालकाय सांप, बच्चों से सांपों से जरा सा भी डर नहीं लगता.

जहां दो साल के एक बच्चे ने विशालकाय सांप की पूंछ पकड़ ली और उसे खींचने लगा.

सांप का नाम सुनते ही भले ही आपके रोंगटे खड़े हो जाते हैं लेकिन कुछ लोगों को और उनके बच्चों से सांपों से जरा सा भी डर नहीं लगता. बल्कि वो सांपों के साथ ऐसे खेलते हैं जैसे वह किसी दोस्त के साथ मस्ती कर रहे हों. सोशल मीडिया में हमें एक ऐसा ही वीडियो देखने को मिला. जिसमें दो साल के एक बच्चे ने इतने बड़े सांप को पकड़ लिया जितना बड़ा सांप आपने शायद ही हकीकत में देखा हो. सोशल मीडिया में वायरल हो रहा ये वीडियो ऑस्ट्रेलिया का है.बच्चा पूरे आत्मविश्वास के साथ दोनों हाथों से विशालकाय सांप की पूंछ को पकड़कर खींचता हुआ दिख रहा है. वीडियो में मैट बोलते हैं- “उसे बाहर खींचो दोस्त, उसे बाहर खींचो. उसे झाड़ियों में खींचो.” वीडियो में मैट अपने बच्चे को सांप पकड़ने के गुर सिखाते हुए नजर आ रहे हैं. सांप की लंबाई करीब दो मीटर थी. बच्चा उसकी पूंछ पकड़कर ऐसे खींच रहा था मानों वह उसका दोस्त हो. इस वीडियो को बच्चे पिता ने खुद अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया है. जिसमें बच्चा हैरतअंगेज तरीके से सांप को काबू करता हुआ नजर आ रहा है. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ये बच्चा ऑस्ट्रेलिया के मशहूर शख्स मैट राइट का बेटा है. मैट जंगली जानवरों को रेस्क्यू करने के लिए जाने जाते हैं, वह खासकर मगरमच्छों को को रेस्क्यू करते हैं.पिछले 20 सालों से वह उत्तरी क्षेत्र में मगरमच्छों को पकड़कर स्थानांतरित कर रहे हैं. मैट राइट ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया था. जिसमें एक खतरनाक दिखने वाले सांप को उनका बच्चा पकड़कर खींचते हुए देखा जा सकता है. इस वीडियो में मैट के घर के गार्डन में एक लंबा सांप दिखाई दे रहा है. सांप बेहद खतरनाक और बड़ा नजर आ रहा है. इस सांप को मैट राइट के 2 साल के बेटे ने पकड़ रखा है. बच्चा भी बेहद दिलेरी से सांप को घसीटकर गार्डन से बाहर ले जाने की कोशिश करता हुआ दिख रहा है.

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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