झारखण्डदेश

धोनी की पत्नी साक्षी धोनी भी बार-बार की बिजली कटौती से आ गई तंग,ट्वीट कर झारखंड सरकार से पूछा, ‘प्रदेश में सालों से बिजली संकट क्यों बना हुआ है?

झारखंड,न्यूज़ धमाका:-झारखंड भी उन राज्यों में शामिल है जहां आम जनता को भारी बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। ताजा खबर यह है कि महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी साक्षी धोनी भी बार-बार की बिजली कटौती से तंग आ गई है। उन्होंने ट्वीट कर झारखंड सरकार से पूछा, ‘प्रदेश में सालों से बिजली संकट क्यों बना हुआ है?

करदाता होने के नाते उन्हें यह जानने का हक है। हम बिजली बचाकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।’ बता दें, प्रदेश में एक तरफ तो भीषण गर्मी पड़ रही है, वहीं दूसरी ओर घंटों बिजली कटौती हो रही है।

राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है। लू के थपेड़ों ने पश्चिम सिंहभूम, कोडरमा और गिरिडीह जिलों को अपनी चपेट में ले लिया। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि 28 अप्रैल तक रांची, बोकारो, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, पलामू और चतरा में भी लू चलने लगेगी।

बिजली संयंत्रों में कोयले की कमी मुख्य कारण

जानकारी के मुताबिक, बिजली संयंत्रों को कोयले की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा ही है। यही कारण है कि राज्यों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले झारखंड में बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति में कमी के कारण बढ़ते ऊर्जा संकट के खतरों के बीच, बिजली मंत्री आर के सिंह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया।

बता दें, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा उन बड़े राज्यों में शामिल हैं जहां लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। जम्मू-कश्मीर में भी हालात बुरे हैं। कोयले की आपूर्ति के मामले में विपक्ष भी हमलावर है। वहीं सरकार का दावा है कि कोयले की कोई कमी नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि मई तक यह संकट बना रहेगा। उम्मीद की जा रही है कि जूुन में प्री-मानसून बारिश शुरू होने के साथ ही खपत घट जाएगी।

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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