रायपुरछत्तीसगढ

किसान अपनी मांगों को लेकर पहुंचे सीएम हाउस, जानिए क्या हैं इनकी मांगें

रायपुर न्यूज़ धमाका //  नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति नवा रायपुर के बैनर तले 3 जनवरी को राजधानी प्रभावित ग्रामों के हजारों किसान और ग्रामीणों ने अपने लंबित मांगों के लिए आंदोलन शुरू किया था. जो NRDA भवन के सामने ही टेंट लगाकर 15 दिन से आंदोलन कर रहे हैं. इसी दौरान लोकपर्व छेरछेरा के मौके पर आज नवा रायपुर प्रभावित किसान परिवार मुख्यमंत्री निवास पहुंचे. जिन्हें पुलिस ने रोक दिया.

बता दें कि लोकपर्व छेरछेरा के मौके पर आज नवा रायपुर प्रभावित किसान परिवार मुख्यमंत्री निवास पहुंचे. करीब 10 ज्यादा महिलाएं मुख्यमंत्री निवास के बाहर जुट गईं. आंदोलनकारी महिलाएं सीएम हाउस के अंदर जाना चाह रही थीं, लेकिन पुलिस उन्हें रोक दिया. जानकारी के अनुसार सोमवार यानी आज आंदोलनकारी एनआरडीए परिसर में ही किसान भवन का शिलान्यास करेंगे.

किसान नेता गिरवर पटेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दान का सबसे बड़ा पर्व छेरछेरा मनाया जा रहा है. हम मुख्यमंत्री से नवा रायपुर के किसानों के साथ न्याय की मांग को लेकर आए थे, लेकिन हमें सीएम हाउस के अंदर नहीं जाने दिया गया.

लक्ष्मी चंद्राकर ने कहा कि आज के दिन कहीं से कोई खाली हाथ नहीं जाता. लेकिन मुख्यमंत्री निवास से हमें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. यह बहुत ही दुखद है.

बता दें कि सरकार और आंदोलनकारियों के बीच अब तक कोई हल नहीं निकल पाया है. वहीं मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के साथ हुई बैठक भी विफल रही है. आंदोलनकारियों की मांगों को ध्यान में रखते हुए सरकार के द्वारा सर्वे कराया जा रहा है.

इन मांगों को लेकर कर रहें है किसान आंदोलन

नया रायपुर पुनर्वास योजना के अनुसार अर्जित भूमि के अनुपात में उद्यानिकी/ आवासीय/व्यवसायिक भूखंड पात्रतानुसार निःशुल्क मिलने के प्रावधान का पालन किया जाना चाहिए. भू अर्जन कानून 1894 के अंतर्गत हुए अवार्ड में भूस्वामियों को मुआवजा प्राप्त नहीं हुए हैं, उन्हें बाजार मूल्य से 4 गुना मुआवजा मिलनी चाहिए. नवा रायपुर क्षेत्र में ग्रामीण बसाहट का पट्टा मिलना चाहिए.

वार्षिकी राशि का पूर्ण रूपेण आबंटन किया जाना चाहिए. पुनर्वास पैकेज 2013 के तहत सभी वयस्कों को 1200 वर्गफीट मिलने वाली भूखंड दिया जाए. साल 2005 से भूमि क्रय विक्रय पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाया जाए. गुमटी, चबूतरा, दुकान, व्यवसायिक परिसर में दुकान जो आबादी से सटी हुई है, जिसे 75 प्रतिशत प्रभावितों को लागत मूल्य पर देने के प्रावधान का पालन किया जाए.

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

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