रायपुरछत्तीसगढ

बेमेतरा के परसबोड़ गौठान में 6 गायों की मौत, महासमुंद गौठान में भी 1 की मौत, 3 की हालत नाजुक

रायपुर न्यूज़ धमाका /// छत्तीसगढ़ सरकार की फ्लैगशिप योजना ‘नरवा गरवा घुरवा बारी’ की देश-विदेश में तारीफ हो रही है. सरकार अपनी इस फ्लैगशिप योजना के लिए भारी-भरकम पैसा खर्च कर रही है. इधर कृषि मंत्री के क्षेत्र बेमेतरा के साजा अंतर्गत परसबोड़ गौठान में 6 गायों की मौत हो चुकी है. बारिश में भीगने और ठंड से मौत होने की आशंका जताई जा रही है. गौठान के अंदर एक साथ 6 गायों की मौत के बाद भी बेमेतरा जिला प्रशासन बेखबर है. महासमुंद के अस्थाई गौठान में भी एक गाय की मौत हो गई है, साथ ही 3 गायों की हालत नाजुक है.

महासमुंद में जिला प्रशासन और नगर पालिका के पदाधिकारियों की लापरवाही के चलते फ्लैगशिप योजना बदनाम होता नजर आ रहा है. महासमुंद के अस्थाई गौठान में पहले भी कई गायों की मौत हो चुकी है. मिली जानकारी के मुताबिक बीटीआई रोड स्थित चौपाटी भवन को अस्थाई गौठान बनाया गया है.

गौठान में 60-70 गायें हैं. गायें खुले आसमान में रह रहीं हैं. ये तो निरीह जानवर हैं, ये कैसे कहेंगे कि उन्हें भी ठंड लगती है. ये किससे कहें कि मूसलाधार बारिश से बीमार पड़ जाएंगी. ये आखिर किसे बताएं और कैसे बताएं कि चौबीस घंटों में कुछ पल उन्हें भी एक छत के नीचे आराम चाहिए. कहा जा रहा है कि यहाँ तम्बू भी लगाया गया था. लेकिन टेंट वालों को 3 माह से कुल चार लाख रुपए का भुगतान नहीं होने के चलते टेंट वाले ने अपना तम्बू उखाड़ लिया. जिसके चलते महासमुंद के इस अस्थाई गौठान में खुले आसमान के नीचे सभी गायें सर्दी-गर्मी-बरसात सहने मजबूर हैं.

बेमौसम बारिश ने तो इन गायों का जीना दूभर कर दिया. गायें रातभर बारिश में भीगती रहीं. लगातार बारिश में भीगने के चलते दर्जनों गायें बीमार पड़ गईं हैं. बीमार मवेशियों का इलाज जारी है. अस्थाई गौठान में गायों के बीमार होने की खबर मिलते ही हिन्दू युवा वाहिनी के लोगों ने ये जानकारी नगर पालिका को दी. उसके बाद नगर पालिका अमला सक्रिय हुआ. मृत गाय के अंतिम संस्कार की तैयारी की जा रही है.

Chhattisgarh News Dhamaka Team

अमन चीफ एडिटर - छत्तीसगढ़ न्यूज़ धमाका // प्रदेश उपाध्यक्ष, छग जर्नलिस्ट वेलफेयर यूनियन छत्तीसगढ // ; हरिभूमि ब्यूरो चीफ जिला कोंडागांव // 18 सालो से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय। विश्वसनीय, सृजनात्मक व सकारात्मक पत्रकारिता में विशेष रूचि। कृषि, वन, शिक्षा; जन जागरूकता के क्षेत्र की खबरों को हमेशा प्राथमिकता। जनहित के समाचारों के लिये तत्परता व् समर्पण// जरूरतमंद अनजाने की भी मदद कर देना पहली प्राथमिकता

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!