
दुर्ग न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ के दुर्ग केंद्रीय जेल में एक विचाराधीन कैदी किशनु साहू ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह पिछले एक साल से पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद था। यह घटना जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े करती है।
क्या था मामला?
किशनु साहू, ग्राम देवरी (धमधा थाना क्षेत्र) का निवासी था। 19 अप्रैल 2024 को उसने घरेलू विवाद के बाद अपनी पत्नी कविता साहू की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। अगले दिन वह खुद थाने जाकर आत्मसमर्पण कर आया था।
पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर 20 अप्रैल 2024 को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था।
कैसे हुई मौत?
आज सुबह जेल के बैरक नंबर 20 के शौचालय में उसका शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया। अन्य कैदियों ने जब उसे देखा तो जेलर को सूचना दी।
सूचना पर पद्मनाभपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर पंचनामा कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा।
क्या बोले अधिकारी?
पुलिस अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच में बताया कि यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है, हालांकि अन्य कैदियों से पूछताछ जारी है ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध परिस्थिति को स्पष्ट किया जा सके।
मनोवैज्ञानिक पहलू पर सवाल
यह घटना न केवल जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जेलों में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति कितनी गंभीर हो सकती है। लंबे समय से विचाराधीन रहने और अपराधबोध की स्थिति में अक्सर कैदी ऐसे चरम कदम उठा लेते हैं।
मामले की जांच जारी
फिलहाल पुलिस मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।



