
जांजगीर-चांपा न्यूज धमाका – छत्तीसगढ़ में साइबर ठगों के हौसले दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं। ताजा मामलों में जांजगीर-चांपा जिले के एक रिटायर्ड कर्मचारी और रायपुर में पदस्थ एक महिला डिप्टी डायरेक्टर को ठगों ने अपना निशाना बनाया। दोनों मामलों में कुल ठगी की राशि 1.2 करोड़ रुपये से अधिक है।
डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 32 लाख की ठगी
जांजगीर-चांपा जिले के सिंचाई विभाग से सेवानिवृत्त कर्मचारी तुषारकर देवांगन के साथ साइबर ठगों ने 32 लाख 54 हजार रुपये की ठगी कर डाली। आरोपियों ने खुद को एक सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताते हुए व्हाट्सएप कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट वारंट’ भेजा और कहा कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाया जा रहा है।
डर और भ्रम में आकर देवांगन ने चार अलग-अलग बैंक खातों और फोन पे के माध्यम से रकम ट्रांसफर कर दी। जब कॉल्स और धमकियां बढ़ती गईं, तो उन्होंने सिटी कोतवाली थाना पहुंचकर एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का झांसा, महिला अधिकारी से 90 लाख की ठगी
वहीं रायपुर स्थित संचालनालय में कार्यरत एक महिला डिप्टी डायरेक्टर को शेयर मार्केट में भारी रिटर्न का झांसा देकर ठगों ने 90 लाख रुपये का चूना लगा दिया। मार्च से जुलाई के बीच ठगों ने फोन पे और RTGS के माध्यम से कई किश्तों में यह रकम मंगवाई।
शुरुआत में मामूली निवेश पर आकर्षक लाभ दिखाकर महिला को विश्वास में लिया गया। लेकिन जब लंबे समय तक कोई लाभ नहीं मिला, तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। राखी थाना में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस ने मामले की जांच तेज़ कर दी है।
पुलिस की चेतावनी और अपील
पुलिस अधिकारियों ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि जल्दी ही इन साइबर ठग गिरोहों का भंडाफोड़ किया जाएगा। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि:
- अज्ञात कॉल्स, विशेषकर सरकारी अधिकारी बताने वाले कॉल्स से सतर्क रहें।
- व्हाट्सएप, ईमेल या SMS के माध्यम से भेजे गए दस्तावेजों की स्वतंत्र जांच करें।
- लालच या डर की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाने से संपर्क करें।
बढ़ते साइबर अपराधों से सतर्क रहने की जरूरत
साइबर ठगों द्वारा आम लोगों से लेकर अधिकारियों तक को निशाना बनाया जा रहा है। ये घटनाएं साफ दर्शाती हैं कि डिजिटल सुरक्षा अब केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि जन-सुरक्षा का महत्वपूर्ण पहलू बन चुकी है।



